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Mental Health: राजस्थान के हर जिले में बनेगा ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’, जयपुर बनेगा मानसिक स्वास्थ्य का हब

Mental Health Awareness: राजस्थान में मानसिक स्वास्थ्य क्रांति: टेली-मानस से 71 हजार को मिला सहारा। ‘राज-ममता’ से बदलेगी तस्वीर: युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Apr 22, 2026

Photo AI

Mental Health Care India: जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार अब मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक और ठोस पहल कर रही है। ‘विकसित राजस्थान-2047’ के विजन के तहत राज्य में ‘सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य’ सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित ‘राज-ममता’ (राजस्थान मेंटल अवेयरनेस, मॉनिटरिंग एंड ट्रीटमेंट फॉर ऑल) कार्यक्रम को तेजी से लागू करने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के हर जिले में ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’ स्थापित किए जाएंगे। इन सेल्स के माध्यम से लोगों को अपने ही जिले में विशेषज्ञ परामर्श, उपचार और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही जयपुर में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ’ की स्थापना की जा रही है, जहां अत्याधुनिक काउंसलिंग, टेली-मेडिसिन और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी उच्च स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

केंद्र सरकार के ‘टेली-मानस’ कार्यक्रम का भी राजस्थान में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मानसिक तनाव, अवसाद या किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह सेवा संकट के समय सहारा बन रही है। 15 अप्रैल 2026 तक प्रदेश में 71 हजार से अधिक लोगों ने टोल-फ्री नंबर 14416 और 18008914416 के माध्यम से परामर्श प्राप्त किया है। जयपुर में मई 2023 और जोधपुर में नवंबर 2023 से यह सेवा लगातार संचालित हो रही है।

सरकार विशेष रूप से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सजग है। ‘राज-ममता’ कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों में काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे बढ़ते तनाव, अवसाद और आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियों को रोका जा सके। इसके अलावा, स्वास्थ्य मित्रों और आशा सहयोगिनियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे प्रारंभिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर सकें और समय रहते उपचार सुनिश्चित कर सकें।

सरकार की यह पहल न केवल मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगी, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ाएगी। इससे राजस्थान मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के एक मॉडल राज्य के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।