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जयपुर। राज्य सरकार प्रदेश के जनजाति क्षेत्र में माइनर मिनरल खानों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने को नीलामी में भाग लेने के लिए बिड सिक्योरिटी राशि कम कर 5 लाख रुपए करेगी। यह प्रावधान राजस्थान खनिज नीति 2024 में किया गया है। नीति को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही आगामी 5 वर्ष में खनन क्षेत्र में 35 लाख से बढ़ाकर 50 लाख लोगों तक रोजगार मुहैया कराने, राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में खनन क्षेत्र की हिस्सेदारी 3.5 से बढ़ाकर 5 फीसदी करने और खनन क्षेत्रफल 0.68 से बढ़ाकर 1 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नीति में वर्ष 2046-47 के लक्ष्य भी तय किए गए हैं।
नीति में कहा गया है कि वर्ष 2046-47 तक प्रदेश की जीडीपी में खनन क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाकर 8 फीसदी, रोजगार के अवसर 1 करोड़ लोगों तक पहुंचाने और खनन क्षेत्रफल बढ़ाकर 2 फीसदी तक पहुंचाया जाएगा।
बजरी खनन के लिए पर्यावरण स्वीकृति पहले लेने, सैंड पोर्टल विकसित करने, जीरो वेस्ट माइनिंग को बढ़ावा, खान संचालकों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए स्टार रेटिंग देने और रॉयल्टी ठेकों की नीलामी में भाग लेने के लिए ठेकेदारों का विभाग के साथ पंजीयन का प्रावधान समाप्त किया जा रहा है। खनिज निर्गमन निगरानी के लिए वाहनों में जीपीएस का उपयोग किया जाएगा।
Updated on:
05 Dec 2024 06:33 pm
Published on:
05 Dec 2024 06:31 pm
