
जयपुर। राजस्थान की सबसे अहम परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (PKC-ERCP) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली दौरे पर पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में PKC-ERCP को लेकर राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ। ऐसे में 20 साल पुराना विवाद भी सुलझ गया है। साथ ही राजस्थान में एक लाख 60 हजार बोर लगाए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में आज सुबह 11 बजे पीकेसी-ईआरसीपी को लेकर मीटिंग हुई। जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। बैठक में मौजूद, राजस्थान और एमपी सरकार के बीच एमओयू हुआ। इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने पीएम मोदी का संकल्प है कि जल संचय, जनभागीदारी, जन आंदोलन में परिवर्तित होना चाहिए। उसी योजना को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान, मध्यप्रदेश और बिहार के लिए एक योजना बनी थी, जिसके अंदर कर्मभूमि से जन्मभूमि का कार्यक्रम तय हुआ था। तीन राज्यों के व्यापारी जो सूरत में हैं, उन लोगों ने करीब एक लाख 60 हजार बोर राजस्थान में, 15 हजार बोर मध्यप्रदेश में और बिहार में 10 जिलों के सभी गांवों में चार-चार बोर लगाए जाएंगे। यह काम शुरू हो चुका है। राजस्थान के सिरोही और जोधपुर में काम चल रहा है।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में एक लाख 60 हजार बोर लगाए जाएंगे। ऐसे में कर्मभूमि से जन्मभूमि कार्यक्रम राजस्थान के वरदान साबित होगा। क्योंकि राजस्थान में पानी की बहुत कमी रहती है। राजस्थान सहित एमपी और बिहार में जो बहुत बड़ा काम होने वाला है, उसके लिए मैं पीएम मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को धन्यवाद देना चाहता हूं।
Updated on:
05 Dec 2024 02:39 pm
Published on:
05 Dec 2024 01:26 pm
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