
कांग्रेस विधायक विद्याधर सिंह चौधरी (फोटो-एक्स)
MLA Vidyadhar Singh Chaudhary Comments on SHO and SDM: जयपुर/रेनवाल: राजस्थान की सियासत में इन दिनों 'विधायक बनाम प्रशासन' की एक नई जंग छिड़ गई है। जयपुर ग्रामीण के फुलेरा से कांग्रेस विधायक विद्याधर सिंह चौधरी अपने आक्रामक तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं।
सोशल मीडिया पर विधायक का एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे उपखंड अधिकारी यानी एसडीएम को उनके कार्यालय में घुसकर 'देख लेने' और 'जूते मारने' जैसी कथित धमकी देते नजर आ रहे हैं।
ताजा विवाद रेनवाल का है, जहां विधायक विद्याधर सिंह किसानों के समर्थन में धरने पर बैठे थे। वायरल वीडियो में विधायक का उग्र रूप साफ देखा जा सकता है। वे प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर भड़कते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं।
इससे पहले उनका एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनकी थाना प्रभारी (SHO) नरेश कंवर के साथ तीखी नोकझोंक हुई थी। उस समय विधायक ने पुलिस की वर्दी की धौंस को चुनौती देते हुए कहा था, अगर हम अपनी सीमा लांघ गए, तो आप कब तक अधिकारी रहोगे?
यह पूरा विवाद रेनवाल स्थित एक ऑयल मिल फैक्ट्री से जुड़ा है। आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने स्थानीय किसानों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित किसान पिछले 14 दिनों से SDM कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठे थे। पुलिस और प्रशासन की सुस्ती देख विधायक खुद मैदान में उतरे, जिसके बाद मामला गरमा गया।
विधायक के कड़े रुख और किसानों के बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल, विवादित फैक्ट्री पर ताला जड़ दिया गया है और धरने पर बैठे सुरेंद्र महला का अनशन तुड़वाया गया है।
हालांकि, यह शांति अस्थायी है। विधायक और किसान कमेटी ने प्रशासन को 5 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को दोबारा और भी उग्र रूप में शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
विधायक के इन वायरल वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक गरिमा का अपमान और सत्ता (विधायक पद) का दुरुपयोग करार दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इस व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं। वहीं, विधायक समर्थकों का कहना है कि किसानों के हक के लिए यह गुस्सा जायज है।
धरना स्थल पर किसानों की समस्याओं को लेकर पहुंचे विधायक विद्याधर सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। विधायक ने रेनवाल थाना प्रभारी नरेश कंवर को चेतावनी देते हुए कहा, आप इस वहम में मत रहना कि इंचार्ज हो। जब तक हम अपनी सीमा में रहते हैं, तब तक आप अफसर हैं। हम अपनी सीमा को लांघ देंगे तो क्या कर लोगे? आप 2 केस लगा दोगे, कितने केस लगा दोगे?
विधायक ने तेज आवाज में सवाल उठाए तो एसएचओ ने कहा, आप अनावश्यक बोल रहे हैं। इस पर विधायक ने कहा, मैंने आपसे कौन-सी गाली-गलौज की है? जिसके घर में हादसा होता है, उसमें जोश आएगा। आपके साथ ऐसा होगा तो आप भी ऐसा ही करेंगे?
विधायक ने कहा, हम आईजी, डीआईजी और एसीपी पर भी विश्वास नहीं करते। आप सरकारी नौकर हो। नौकरी के पैसे हम किसान देते हैं। आप अफसर नहीं, पब्लिक सर्वेट नौकर कहलाता है।
Published on:
27 Mar 2026 10:12 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
