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Rajasthan Monsoon: इस बांध के टूटने का खतरा, टूटा तो कई गांवों में आ सकती है तबाही, टेंशन में सांसद

Rajasthan Monsoon Update 2024: चिरोटा बांध से पानी ऊपर से बह रहा है। नेवटा बांध में चादर चलते ही पानी इसी बांध में आएगा। जिससे कि बांध टूटने की कगार पर पहुंच सकता है। ऐसे में कभी बड़ा हादसा होने का डर सता रहा है।

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chirota dam bagru jaipur

Rajasthan Monsoon Update 2024: बगरू। इस मानसून में क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से ग्राम पंचायत अजयराजपुरा क्षेत्र के चिरोटा बांध के भराव क्षमता से अधिक भर जाने से पानी ऊपर से बहता हुआ पालड़ी सेज व सांगानेर जाने वाले दोनों मार्गों पर से करीब तीन फीट बह रहा है। जहां अभी यातायात भी अधिकतर बंद सा ही है।

बांध टूटने की कगार पर है। शुक्रवार को सुबह हो रही बारिश में ही आसपास के ग्रामीणों द्वारा बांध की पाल के रिसाव को रोकने के लिए सैकड़ों मिट्टी के कट्टे रखे। बाद में प्रशासन ने सुध ली व बांध का पानी का भराव व हालत देखे। शाम को मौके पर जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने भी ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टर में बैठकर मुआयना करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान ग्रामीण दिनेश सौराण, धन्नालाल सारण, लोकेश सैन, प्रधान सौराण, गोवर्धन सारण, रामरतन, प्रधान सारण, अनिल सैन, हनुमान सहाय सारण, निर्मल सारण, हनुमान भडाणा, लालाराम सिंघानिया, शिवराज व हनुमान सौराण आदि ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से चिरोटा बांध अभी लबालब भरा हुआ है।

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चिरोटा बांध से पानी ऊपर से बह रहा है। पानी खतरे के निशान पर चल रहा है। नेवटा बांध में चादर चलते ही पानी इसी बांध में आएगा। जिससे कि बांध टूटने की कगार पर पहुंच सकता है। ऐसे में कभी बड़ा हादसा होने का डर सता रहा है। जिससे बगरू सहित आसपास के गांवों व निचले इलाकों को काफी नुकसान होने की संभावना है।

इस दौरान शुक्रवार को सुबह नायब तहसीलदार उम्मेद सिंह शेखावत, कलवाडा सरपंच रामदयाल वर्मा व समाजसेवी लवकुश चौधरी ने चिरोटा बांध के हालात देखे। वही शाम को जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा जब चिरोटा बांध के खतरे के हालात देखने के लिए पहुंची जहां ग्रामीण लोग बांध के रिसाव व टूटने से रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे रखने की मशक्कत करते हुए दिखे।

इस दौरान सड़क पर भी पानी होने की वजह से ट्रैक्टर पर सवार होकर बांध का निरीक्षण किया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ वार्ता कर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को लताड़ लगाते हुए देर शाम तक करीब 500 मिट्टी के कट्टे रखे जाने सहित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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