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राजस्थान में 69 साल बाद जुलाई में सबसे ज्यादा बरसात, डेढ़ महीने पहले ही पूरी हुई सीजन की बारिश

Rajasthan monsoon record: राजस्थान में मानसून ने 69 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। 1 जून से 14 अगस्त तक 436.7 एमएम बारिश हुई, जो सीजन औसत 435.6 एमएम से ज्यादा है। जुलाई में 285 एमएम बरसात हुई।

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जयपुर

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Arvind Rao

Aug 16, 2025

Rajasthan monsoon record

Rajasthan monsoon record (Patrika Photo)

Rajasthan monsoon record: राजस्थान में इस बार मानसून ने जबरदस्त दस्तक दी है। राज्य में 1 जून से 14 अगस्त तक 436.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पूरे मानसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर) की औसत बरसात 435.6 मिमी से ज्यादा है।


यानी प्रदेश ने अपना बारिश का कोटा करीब डेढ़ महीने पहले ही पूरा कर लिया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के आखिरी दो सप्ताह में भी अच्छी बारिश होगी।


समय से पहले एंट्री और लगातार बरसात


इस बार मानसून ने राजस्थान में सामान्य से करीब एक सप्ताह पहले एंट्री ली थी। शुरुआती दौर से ही इसका असर दिखा और अगस्त के पहले सप्ताह तक प्रदेश में लगातार झमाझम बारिश होती रही। करीब डेढ़ महीने तक जारी इस दौर ने जून-जुलाई में औसत से दोगुनी बारिश दी।


हालांकि, अगस्त के पहले सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ गया और दूसरे सप्ताह में ‘ब्रेक’ भी देखने को मिला, लेकिन तब तक राज्य औसत से ऊपर बारिश दर्ज कर चुका था। सिर्फ अगस्त के 14 दिनों में 26.4 मिमी बरसात होने से बारिश का वार्षिक कोटा पूरा हो गया।


जुलाई में टूटा 69 साल पुराना रिकॉर्ड


राजस्थान में इस मानसून सीजन की सबसे खास बात रही जुलाई की बारिश। इस महीने में कुल 285 मिमी बरसात दर्ज हुई, जो पिछले 69 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ गई। इससे पहले 1956 में जुलाई में 308 मिमी बारिश हुई थी।


19 जिलों में पूरी हुई औसत बरसात


प्रदेश के 33 जिलों में से 19 ऐसे हैं, जहां 14 अगस्त तक ही पूरे मानसून की सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इसमें अजमेर, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, चूरू, हनुमानगढ़, जोधपुर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर शामिल हैं।


ऐसी है संभागवार स्थिति


अजमेर संभाग : यहां के अजमेर, नागौर, टोंक और भीलवाड़ा जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। सभी जिलों ने मानसून कोटा पूरा कर लिया है।

जयपुर संभाग : जयपुर और दौसा में अच्छी बारिश हुई, जबकि अलवर में औसत से थोड़ी कम बरसात दर्ज की गई।

कोटा संभाग : कोटा और बारां में भारी बरसात हुई, लेकिन झालावाड़ अब भी औसत से कम है।

भरतपुर संभाग : भरतपुर जिले में बारिश औसत से कम रही, जबकि धौलपुर में ज्यादा बारिश हुई।

बीकानेर संभाग : बीकानेर को छोड़कर अधिकांश जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है।


जोधपुर और उदयपुर संभाग : यहां की स्थिति अभी कमजोर है। इन संभागों के छह में से पांच जिलों में औसत से 22% से 40% तक कम बारिश हुई है। केवल राजसमंद में औसत के करीब बरसात दर्ज हुई है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून विदाई तक इन जिलों में भी स्थिति सामान्य हो सकती है।


आगे कैसा रहेगा मौसम?


-मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, राज्य में अगले दो सप्ताह तक यानी 28 अगस्त तक मानसून एक्टिव फेज में रहेगा।
-18 अगस्त तक कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है।
-19 से 21 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान के साथ पश्चिमी जिलों में भी बारिश का दौर चलेगा।
-22 से 28 अगस्त तक भी मानसून एक्टिव रहने का अनुमान है और इस दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है।
-शुक्रवार को डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ और भरतपुर जिलों में 1 से 2.5 इंच बरसात दर्ज की गई।
-वहीं, शनिवार को जयपुर सहित 24 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।