
Rajasthan Monsoon Update 2024: राजस्थान में इस बार सावन के महीने में मानसून के मेहरबान रहने से प्रदेश के 24 जिलों में अतिवृष्टि जैसी बरसात हो चुकी है। अब तक राजस्थान में सामान्य से पचास प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह बारिश पूरे वर्ष की औसत वर्षा से भी ज्यादा है। फिलहाल बारिश का दौर थम जाने से अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में राहत महसूस की जाने लगी है।
मौसम विभाग के अनुसार परिसंचरण तंत्र आज दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान एवं आस पास के पाकिस्तान क्षेत्र के ऊपर स्थित है और जोधपुर एवं बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में रविवार से बारिश की गतिविधियों में कमी होने एवं दिन में धूप निकलने तथा पूर्वी राजस्थान के भी अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में कमी होने तथा आगामी चार-पांच दिन में केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की-मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
इसके बाद 22-23 अगस्त को कोटा एवं उदयपुर संभाग में कहीं कहीं पर भारी वर्षा एवं इन दो संभागों के कुछ भागों में 24-25 अगस्त को पुन: भारी भारी वर्षा होने की संभावना है। फिलहाल 21 अगस्त तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस बार बारिश ने जयपुर सहित कई क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिया और जमकर पानी बरसा।
पिछले 25 वर्षों में मानसून सत्र में एक जून से 15 अगस्त तक जयपुर शहर में सर्वाधिक 1040 मिलीमीटर वर्षा इस वर्ष दर्ज की गई हैं। पिछले इन वर्षों में इस बार जयपुर जिले में भी सर्वाधिक 657 मिलीमीटर बारिश हुई हैं। इस बार अच्छी बारिश के कारण जहां चौबीस जिलों में असामान्य (अतिवृष्टि) वर्षा हुई तथा 14 जिलों में सामान्य एवं छह जिलों में सामान्य बरसात रिकॉर्ड की गई। हालांकि छह जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर, सिरोही एवं उदयपुर में अभी बरसात की कमी बनी हुई हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार प्रदेश में गत एक जून से 18 अगस्त तक 462.87 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य औसत वर्षा से 52.09 प्रतिशत अधिक है। इस बार पूरे साल भर एक जून से 30 सितंबर तक बरसात के मौसम में होने वाली औसत वर्षा 417.46 मिलीमीटर से भी 45.41 मिलीमीटर ज्यादा बारिश अब तक हो चुकी है। इस बार अब तक गत वर्ष से भी करीब 85 मिलीमीटर बरसात अधिक दर्ज की गई हैं। इस बार इस दौरान जोधपुर संभाग फलौदी जिले में सर्वाधिक सामान्य से 204.18 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इस बार इस वर्षा सीजन में एक दिन में सर्वाधिक बरसात 380 मिलीमीटर गत 11 अगस्त को करौली में दर्ज की गई।
राजस्थान में अब तक जिन 24 जिलों में असामान्य बरसात हुई उनमें अलवर, अनूपगढ़, बालोतरा, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, चूरू, दौसा, डीग, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, जैसलमेर, जोधपुर ग्रामीण, करौली, केकड़ी, नागौर, फलौदी, सवाईमाधोपुर एवं टोंक शामिल है। इसी तरह इस दौरान सामान्य से अधिक वर्षा वाले 14 जिलों में अजमेर, बारां, बाड़मेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, जोधपुर ,खेरथल-तिजारा, कोटा, कोटपुतली-बहरोड़, नीमकाथाना, पाली, शाहपुरा एवं सीकर शामिल है जबकि छह जिलों भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जालोर, झालावाड़, राजसमंद एवं सांचोर में सामान्य बरसात हुई है। जिन छह जिलों में बरसात की कमी बनी हुई हैं उनमें सर्वाधिक कमी डूंगरपुर जिले में बनी हुई है जहां सामान्य से 29.01 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
इस बार वर्षा से राजस्थान के छोटे और बड़े 691 बांधों में से 183 लबालब हो चुके है तथा 350 आंशिक रूप से भरे हैं जबकि 158 बांध अभी भी खाली हैं। बांधों की भराव क्षमता 12900.82 एमक्यूएम की तुलना में अब तक 7770.71 एमक्यूएम जल स्तर है जो भराव क्षमता का 60.23 प्रतिशत है। राजधानी जयपुर सहित कई क्षेत्रों को पेयजल आपूर्ति वाले टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध में जल स्तर 313.22 आरएल मीटर पहुंच गया है।
Updated on:
18 Aug 2024 05:09 pm
Published on:
18 Aug 2024 05:07 pm
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