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Rajasthan News : मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना खत्म हो गई है। अब महिला अधिकारिता विभाग ने योजना की दोबारा स्वीकृति के लिए फाइल वित्त विभाग को भेजी है। राजस्थान की महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत चार साल में 4 हजार से अधिक महिलाओं को अनुदानयुक्त ऋण उपलब्ध कराया, लेकिन योजना की स्वीकृति 31 मार्च तक ही थी। अब महिला अधिकारिता विभाग ने योजना की दोबारा स्वीकृति के लिए फाइल वित्त विभाग को भेजी है। स्वीकृति मिलने के बाद फिर आवेदन शुरू होंगे।
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना पहले इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (IMSUPY) के नाम से जानी जाती थी। नई भजनलाल सरकार ने अन्य योजनाओं के साथ ही इस योजना का नाम भी बदल दिया है। राजस्थान सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए यह योजना शुरू की है।
योजना 2020-21 में शुरू की गई। इसमें 31 मार्च तक 38 हजार से अधिक महिलाओं ने रोजगार शुरू करने या उद्यम को बढ़ाने के लिए आवेदन किया, जिसमें से 4 हजार से अधिक महिलाओं के लोन स्वीकृत किए गए। पिछले वित्तीय वर्ष में ही योजना के तहत करीब 9 हजार ने आवेदन किए, जिसमें से करीब 1400 आवेदकों के ऋण स्वीकृत किए।
योजना में सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए अनुदानयुक्त ऋण देती है। पहली बार में योजना स्वीकृति 31 मार्च 2024 तक के लिए थी। पिछले साल सरकार ने योजना को 31 मार्च 2025 तक के लिए बढ़ाया।
1- मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत व्यक्तिगत महिला उद्यमी अथवां स्वयं सहायता समूह को 50 लाख रुपए तक और समूहों के समूह के रूप में विद्यमान क्लस्टर या फेडरेशन को 1 करोड़ रुपए तक की ऋण सुविधा।
2- ऋण राशि का 25 प्रतिशत अनुदान, वंचित वर्ग को 30 प्रतिशत तक।
3- उद्योग, सेवा, व्यापार, डेयरी, कृषि आधारित उद्यम आदि समस्त क्षेत्रों के लिए ऋण सुविधा।
4- समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन और समस्या समाधान के लिए निरन्तर समन्वय और हेल्पलाईन की सुविधा।
1- आवेदन स्वयं भरें।
2- आवेदन में समस्त सूचना सही-सही भरें।
3- ऋण की अंतिम स्वीकृति बैंक की होती है, अत: संबंधित बैंक से भी समन्वय रखें।
4- बैंक या महिला अधिकारिता के अच्छे प्रोजेक्ट की स्वीकृति में वरीयता दी जाती है। यदि अपने प्रोजेक्ट में आप भूमि, भवन या अपने संसाधनों से भी पूँजी लगाई जाती है, तो प्रोजेक्ट सरलता से स्वीकृत हो जाते हैं।
5- स्वीकृत ऋण पर 25 फीसद अनुदान देय है। विशेष श्रेणी- विधवा/ परित्यक्ता/ हिंसा से पीड़ित महिला, दिव्यांग एवं अनुसूचित जाति/ जनजाति के आवेदकों को 30 फीसद ऋण अनुदान देय होगा।
6- आवेदन के साथ संबंधित दस्तावेज अवश्य अपलोड करें।
7- आवेदन भरने के बाद जब तक आपको कोई सूचना देकर न बुलाया जाए, व्यक्तिगत रूप से आने की आवश्यकता नहीं है।
8- 10 लाख रुपए से कम ऋण के आवेदन स्वतः कार्यालय स्तर पर परीक्षित हो कर निर्णय कर दिए जाएंगे।
9- ऋण जारी होने के बाद भी आपको फॉलोअप के लिए प्रगति वेबसाइट या एप पर अपडेट करनी होगी।
10 - आपको एसएमएस से सूचना भेजी जाएगी। अत: मोबाइल नंबर में परिवर्तन होने पर उसे अपडेट करें।
11 - किसी भी स्तर पर अनुचित मांग या अन्य शिकायत की सूचना 181 पोर्टल या हेल्पलाइन पर दें।
Updated on:
26 Apr 2025 03:06 pm
Published on:
26 Apr 2025 03:06 pm
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