
राजस्थान के सीएम भजनलाल। फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : राजस्थान में अब सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं, ट्रस्ट और निजी निवेशकों को रियायती दरों की कीमत पर या मुफ़्त में जमीन नहीं मिल सकेगी। अब सिर्फ राजस्थान के सीएम के पास ही यह अधिकार होगा कि वो किस को रियायती दर पर फ्री में जमीन दे। सीएम भजन लाल शर्मा ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में नई भूमि आवंटन नीति को मंजूरी दी, राज्य सरकार जल्द ही अधिसूचना जारी करने वाली है।
नई भूमि आवंटन नीति यह स्पष्ट किया गया है कि मंत्री, विधायक या राज्य सचिव अब रियायती दरों पर या फ्री में जमीन किसी को नहीं दे सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, नई नीति - शहरी भूमि आवंटन नीति 2025- भूमि आवंटन में पारदर्शिता को मानकीकृत और बढ़ाने के लिए 2015 के ढांचे की जगह लेगी। इसके तहत, सामाजिक उद्देश्यों के लिए भूमि, डीएलसी (जिला स्तरीय समिति) दर के 40 फीसद पर आवंटित की जाएगी।
शेष आवंटन केवल डीएलसी दरों पर ही होगा। केवल मुख्यमंत्री के पास आपात स्थिति में आवंटन प्रक्रिया पर विचार करने का विशेष अधिकार होगा।
राजस्थान मंत्रिमंडल ने 23 अगस्त को राज्य के आर्थिक विकास को गति देने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से कई नीतिगत उपायों और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को मंज़ूरी दी। बैठक के दौरान, मंत्रिमंडल ने नई भूमि आवंटन नीति को भी मंज़ूरी दी। जल्द ही इस नीति की अधिसूचना जारी की जाएगी।
Updated on:
27 Aug 2025 02:59 pm
Published on:
27 Aug 2025 02:59 pm
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