कमेटी अब तक करीब 800 से ज्यादा मामलों की समीक्षा में जुटी हुई है। ये वो मामले है, जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अंतिम 6 माह में लिए गए थे। इनमें जमीन, माइंस आवंटन सहित व्यक्तिगत लाभ से जुड़े मामले शामिल हैं। माना जा रहा है कि कमेटी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के अधिकांश फैसलों को बदल सकती है।