
congress vs bjp: मिशन-2028 से पहले रायपुर में BJP-Congress आमने-सामने(photo-patrika group)
जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के सामने टिकट के लिए दावेदारों की भीड़ के बीच एक दूसरा पहलू भी सामने आया है। प्रदेश के 309 निकायों के 10245 वार्डों में करीब 2550 वार्ड ऐसे हैं, जहां भाजपा या कांग्रेस में से किसी एक ने प्रत्याशी नहीं उतारा। भाजपा ने करीब 1050 वार्डों पर उम्मीदवार नहीं उतारे, जबकि कांग्रेस ने लगभग 1500 वार्ड खाली छोड़ दिए।
दोनों पार्टियों के लिए यह कुल वार्डों का करीब 25 फीसदी हिस्सा है। ऐसे में जहां दोनों मुख्य दलों में से कोई एक मैदान में नहीं है, वहां निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवार मुकाबले में आ गए हैं। राजस्थान के इन वार्डों में स्थानीय समीकरण परिणाम बदल सकते हैं और बाद में बोर्ड बनाने के लिए बहुमत के गणित पर भी इसका असर पड़ सकता है।
भाजपा को प्रदेश स्तर पर कई वार्डों में प्रत्याशी नहीं मिले। इसके बाद संबंधित जिला और निकाय प्रभारियों को स्थानीय स्तर पर प्रत्याशी तय करने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन इनमें से कुछ ही वार्डों में प्रत्याशी उतारे जा सके। करीब 10 फीसदी वार्ड खाली छोड़ दिए गए। इनमें बड़ी संख्या मुस्लिम बहुल वार्डों की बताई जा रही है। इसके अलावा ऐसे वार्ड भी शामिल हैं, जहां भाजपा की स्थानीय राजनीतिक पकड़ कमजोर है।
कांग्रेस की स्थिति इस मामले में भाजपा से भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। पार्टी ने करीब 1500 वार्डों में प्रत्याशी नहीं उतारे। यह संख्या कुल वार्डों की करीब 14 फीसदी है। नामांकन के आखिरी दिन तक कई जिलों में सिंबल जारी नहीं हो पाने के चलते दावेदार नामांकन नहीं कर सकें। वहीं भीलवाड़ा में देरी से सिंबल सूची सौंपने पर रिटर्निंग अधिकारी ने लेने से इनकार कर दिया और 17 सिंबल मान्य नहीं हुए।
प्रमुख दल के प्रत्याशी नहीं उतारने का एक राजनीतिक फायदा क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिल सकता है। जिन वार्डों में प्रमुख दलों में से कोई एक मैदान में नहीं है, वहां स्थानीय उम्मीदवारों के लिए मुकाबला अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। खासतौर पर उन वार्डों में इसका असर ज्यादा हो सकता है, जहां स्थानीय मुद्दे और प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़ पार्टी के चुनाव चिह्न से ज्यादा प्रभावी है।
प्रदेश की 309 नगरीय निकायों के 10 हजार 245 वार्डों के लिए 58 हजार 567 प्रत्याशियों ने 69 हजार 939 नामांकन भरे हैं, जिनमें मंगलवार देर रात तक 7854 नामांकन खारिज हो चुके थे और जांच का कार्य जारी रहा। सोमवार आधी रात बाद तक नामांकन पत्रों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी रही है, जिससे कुल नामांकन का आंकड़ा मंगलवार सुबह सामने आ पाया। इसके अनुसार आखिरी दिन 45 हजार 518 प्रत्याशियों ने 54 हजार 506 नामांकन दाखिल किए। इससे नामांकन का कुल आंकड़ा 69939 पहुंच गया। पिछले निकाय चुनावों में करीब 24 प्रतिशत नामांकन खारिज हुए। अब भी यह स्थिति बनी रही तो खारिज नामांकन पत्रों की संख्या 15 हजार तक पहुंचने का अनुमान है।नाम वापसी कल से नाम वापसी का सिलसिला बुधवार से शुरू होगा, जिसकी प्रक्रिया गुरुवार दोपहर तीन बजे तक जारी रहेगी।
Updated on:
02 Sept 2026 08:02 am
Published on:
02 Sept 2026 08:02 am
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