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राजस्थान में 10 मार्च से फिर हड़ताल पर जाएंगे पेट्रोल पंप संचालक, जयपुर सहित इन 13 जिलों में दिखेगा असर

देशभर में सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल-डीजल राजस्थान में बिक रहा है। ऐसे में राजस्थान के पेट्रोल पंप संचालकों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

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Rajasthan petrol pump strike : जयपुर। देशभर में सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल-डीजल राजस्थान में बिक रहा है। ऐसे में राजस्थान के पेट्रोल पंप संचालकों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (आरपीडीवाईए) ने चेतावनी देते हुए कहा कि 10 मार्च से पहले अगर प्रदेश सरकार ने वैट की कीमतों में कटौती नहीं की तो हम 10 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।

बता दें कि गहलोत राज में भी पेट्रोल पंप संचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने पर बीजेपी की सरकार आ गई थी। तब पीएम मोदी ने चुनावी सभाओं के दौरान राजस्थान में महंगे पेट्रोल-डीजल का जिक्र किया था, ऐसे में उम्मीद जगी की राजस्थान में पेट्रोल-डीजल सस्ता हो जाएगा। लेकिन, अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है, ऐसे में पेट्रोल पंप संचालक हड़ताल पर जाने को मजबूर है।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि सरकार ने लंबे समय से वैट में कटौती नहीं की है और ना ही डीलर्स के कमीशन में बढ़ोतरी की है। सरकार ने पिछले 7 साल में डीलर्स के कमीशन में भी कोई कमी नहीं की है। ऐसे में प्रदेशभर के पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों ने 10 मार्च से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। जिसका असर राजधानी जयपुर सहित 13 जिलों में देखने को मिलेगा।


RPDA ने लेटर में लिखा कि पीएम मोदी की गारंटी के 90 दिन गुजर जाने के बाद भी राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं हुआ है। ऐसे में पेट्रोल पंप संचालक जयपुर सहित श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सिरोही, चूरू, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, धौलपुर, करौली, दौसा, सीकर और झुंझुनूं जिले में 10 मार्च को पेट्रोल पंप बंद रखेंगे। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 11 मार्च से पंपों संचालकों द्वारा जिला प्रशासन-पुलिस को ना तो किसी प्रकार का उधार दिया जाएगा और ना ही लोकसभा चुनाव में लगे वाहनों में उधार पेट्रोलियम उत्पाद की आपूर्ति की जाएगी।

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राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि राजस्थान के 56 प्रतिशत पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर हैं। लेकिन, सरकार हमारी पीड़ा नहीं सुन रही है और ना ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात का समय दिया जा रहा है। राजस्थान में राम राज्य के लिए पेट्रोल पंप संचालकों ने अपना 100 प्रतिशत दिया। लेकिन, प्रदेश सरकार के पास तो हमारी पीड़ा सुनने तक का वक्त नहीं है।

डीलर एसोसिएशन ने कहा कि राजस्थान में वैट पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक है। राजस्थान में पेट्रोल और डीजल पर देश में सबसे अधिक वैट क्रमश: 31.04 और 19.30 फीसदी वसूला जाता है। डीलर्स का कहना है कि राज्य सरकार लंबे समय से वैट में कटौती नहीं कर रही है। राजस्थान में अधिक वैट ने उनके व्यवसाय को प्रभावित किया है, जिससे राजस्व में हानि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिक वैट होने के चलते लोग पड़ोसी राज्यों से पेट्रोल/डीजल भरवा रहे हैं क्योंकि क्योंकि वहां वैट की दरें कम हैं। राजस्थान में 6300 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान की तुलना में, हरियाणा में पेट्रोल पर 18.20 और डीजल पर 16 फीसदी वैट है, जबकि पंजाब और गुजरात में ईंधन पर सबसे कम वैट क्रमश: 13.77 और 9.92 फीसदी है।


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