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Rajasthan Police Advisory : अब सोशल मीडिया पर परेशान करने वालों की खैर नहीं, महिलाओं को मिली ये सबसे बड़ी राहत

राजस्थान पुलिस की नई एडवाइजरी, अब बिना नाम-पहचान उजागर किए महिलाएं और बच्चे दर्ज करा सकेंगे ऑनलाइन उत्पीड़न की शिकायत। NCRP पोर्टल पर मिली खास सुविधा। जानिए पूरी प्रक्रिया।

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Rajasthan Police New Advisory

Rajasthan Police New Advisory

सोशल मीडिया के इस दौर में जहां डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ी है, वहीं महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर बुलिंग के मामलों में भी तेजी आई है। इस गंभीर चुनौती से निपटने और महिलाओं को बिना किसी डर या सामाजिक संकोच के अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADG) साइबर क्राइम वीके सिंह ने प्रदेश की महिलाओं और बालिकाओं के हित में एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। अब नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर ऐसी एडवांस तकनीक लाइव कर दी गई है, जिसके जरिए पीड़िता की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

नाम, पता या आईडी देने की जरूरत नहीं

अक्सर देखा गया है कि सामाजिक बदनामी या लोक-लाज के डर से महिलाएं और युवतियां सोशल मीडिया पर हो रहे उत्पीड़न की शिकायत पुलिस थाने जाकर दर्ज नहीं करवा पाती हैं। इसी संकोच को खत्म करने के लिए 'Report Anonymously' का विकल्प दिया गया है।

इस विकल्प को चुनने के बाद पोर्टल पर शिकायतकर्ता से उनका नाम, घर का पता, पहचान पत्र या कोई भी निजी दस्तावेज नहीं मांगा जाता है। शिकायत दर्ज करते समय सिस्टम सिर्फ अपराध से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मांगता है, ताकि जांच शुरू की जा सके। पीड़िता का नाम पूरी तरह गुप्त रखते हुए राजस्थान पुलिस की स्पेशल साइबर टीम आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर उसे दबोच लेगी।

कैसे दर्ज करें 'गुप्त' शिकायत?

अगर किसी महिला या बच्चे को फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, स्नैपचैट या किसी भी अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक मैसेज, फोटो, धमकी या अश्लील कमेंट्स मिल रहे हैं, तो वे इन स्टेप्स को फॉलो कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले भारत सरकार के आधिकारिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर लॉग इन करें।

विकल्प चुनें: होमपेज पर दिख रहे “Register a Complaint” बटन पर क्लिक करें।

कैटेगरी का चयन: इसके बाद सामने दिख रहे “Women/Child Related Crime” वाले सेक्शन को सिलेक्ट करें।

अनाम रजिस्ट्रेशन: यहाँ आपको दो विकल्प मिलेंगे, जिसमें से आपको “Register Anonymously” पर क्लिक करना होगा।

डिटेल्स भरें: डिस्क्लेमर (नियम व शर्तें) को स्वीकार करने के बाद एक फॉर्म खुलेगा। इसमें अपराध की श्रेणी (जैसे- ऑनलाइन हैरेसमेंट, स्टॉकिंग आदि), घटना की तारीख और समय की जानकारी भरें।

साक्ष्य अपलोड करें: आरोपी की सोशल मीडिया आईडी का प्रोफाइल लिंक, आपत्तिजनक चैट के स्क्रीनशॉट या फोटो को अटैच करें और सबमिट कर दें।

कंप्लेंट आईडी संभालें: सबमिट होते ही स्क्रीन पर एक यूनिक कंप्लेंट आईडी आएगी, जिसे नोट करके रख लें। इससे आप भविष्य में अपनी शिकायत का स्टेटस देख सकते हैं।

सुरक्षित रखें ये 'डिजिटल सबूत'

साइबर क्राइम शाखा ने आम जनता और विशेषकर युवाओं से एक बेहद जरूरी अपील की है। कई बार पीड़ित डर के मारे या गुस्से में आकर आरोपी की चैट डिलीट कर देते हैं या ब्लॉक कर देते हैं, जिससे सबूत मिट जाते हैं।

"किसी भी प्रकार के ऑनलाइन उत्पीड़न या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में सबसे पहले आरोपी की प्रोफाइल का पूरा यूआरएल (URL Link), चैट हिस्ट्री, वॉयस नोट्स और आपत्तिजनक सामग्री का स्क्रीनशॉट तुरंत ले लें। कानूनी कार्रवाई को मुकाम तक पहुँचाने के लिए ये डिजिटल साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण हथियार होते हैं।" - साइबर क्राइम विंग, राजस्थान पुलिस

हेल्पलाइन नंबर्स: 24 घंटे उपलब्ध है राजस्थान पुलिस की मदद

यदि आप ऑनलाइन ठगी, वित्तीय धोखाधड़ी या किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार हुए हैं या ऐसा कोई प्रयास आपके साथ हुआ है, तो राजस्थान पुलिस ने तुरंत मदद के लिए कई माध्यम जारी किए हैं:

साइबर हेल्पलाइन: देशव्यापी नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।

व्हाट्सएप/कॉल सपोर्ट: राजस्थान पुलिस के विशेष हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है।

लोकल थाना: आप अपने नजदीकी जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में जाकर भी लिखित मदद ले सकते हैं।