
जयपुर। वेतन कटौती की आशंका को लेकर पुलिस कांस्टेबलों का शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। जयपुर जिले के जमवारामगढ़ थाने के जवानों ने मुंडन करवा विरोध किया। इसको देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने शुक्रवार को सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं। मुख्यालय से जारी पत्र में कहा है कि अभी ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है।
सरकार पुलिस ही नहीं सभी सरकारी कर्मचारियों के वेतन मामले का रिव्यू कर रही है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए एक दिन पहले ही वित्त विभाग ने भी संशय दूर करने के लिए पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा है।
प्रदेश पुलिस में कई जिलों में पुलिस का मैस बहिष्कार किया गया है। कई थानों में जवानों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया है। तो कहीं पर मुंडन करवाकर पुलिस कर्मी विरोध जता रहे हैं। पुलिसकर्मियों का आरोप है कि वित्त विभाग ने वर्ष 2006 में वेतन वृद्धि के निकाले आदेश को गलत जारी होना बताया है। आदेश की गड़बड़ी अब पकड़ में आई है। वित्त विभाग ने पुलिस महकमें में तैनात लेखाधिकारियों से पत्र लिखकर जानकारी मांगी है कि गलत आदेश को दुरुस्त कैसे किया जा सके और उसकी भरपाई कैसे हो। आदेश की जानकारी पुलिसकर्मियों को 9 अक्टूबर को लगी। तभी से प्रदेश में कई स्थानों पर विरोध जारी है।
ये हैं प्रमुख मांगें
- वेतन कटौती नहीं की जाए
- सातवां वेतन केंद्र की तरह 01 जनवरी 2016 से दिया जाए
- हार्ड ड्यूटी अलाउंस बेसिक की 50 प्रतिशत की जाए या 8 घंटे ड्यूटी
- मैस अलाउंस कम से कम 4000 हो
- मैस अलाउंस व हार्ड ड्यूटी इनकम टैक्स फ्री हो
- कांस्टेबल ग्रेड पे ङ्ग600 हो
- कांस्टेबल की योग्यता 12वी या ग्रेजुएशन की जाए
- कांस्टेबल को थर्ड ग्रेड की श्रेणी में माना जाए
- हेड कांस्टेबल को सेकंड ग्रेड की श्रेणी में माना जाए
अभी तक नहीं की गई कोई कटौती
- कुछ जगह काली पट्टी बांधने की बात सामने आई है। जवानों को समझाया गया है कि अभी कोई कटौती नहीं की गई है। उन्हें विश्वास दिलाया गया है कि सरकार अन्य कर्मचारियों से अलग हटकर पुलिस के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगी।
एनआरके रेड्डी, एडीजी लॉ एंड ऑडर, राजस्थान पुलिस
Published on:
14 Oct 2017 03:49 pm
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