
Rajasthan Police RPS Transfer - AI PIC
राजस्थान में सुशासन स्थापित करने और अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिसिंग को नए सिरे से चुस्त-दुरुस्त करने के लिए राजस्थान सरकार ने सोमवार देर रात पुलिस महकमे में एक बहुत बड़ा फेरबदल किया है। लंबे समय से जिस आरपीएस अधिकारियों की तबादला सूची का इंतज़ार हो रहा था, उसे आखिरकार देर रात हरी झंडी दे दी गई। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसेफ द्वारा जारी इस जंबो आदेश के तहत राज्य के 141 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। ट्रांसफर सूची में कई ऐसे अधिकारियों के नाम शामिल हैं जो लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए थे या फिर एपीओ (आदेशों की प्रतीक्षा में) चल रहे थे। सरकार ने इस सूची के माध्यम से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरणों को भी प्रशासनिक दृष्टिकोण से साधने की पूरी कोशिश की है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किए गए इस आदेश पत्र पर 8 जून 2026 की तारीख अंकित है, जो यह स्पष्ट करती है कि गृह विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय की अंतिम हरी झंडी मिलने के बाद इसे तुरंत सार्वजनिक किया गया है। एडीजी कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसेफ द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में साफ तौर पर निर्देशित किया गया है कि उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन प्रशासनिक आधार पर तुरंत प्रभाव से किए जाते हैं।
सभी स्थानांतरित अधिकारियों को बिना किसी देरी के अपनी वर्तमान कार्यस्थली का कार्यभार सौंपकर नए नियत स्थान पर तुरंत ज्वाइन करने के आदेश दिए गए हैं ताकि आम जनता को प्रशासनिक बदलाव के कारण किसी भी प्रकार की कानूनी या व्यावहारिक असुविधा का सामना न करना पड़े। इस जंबो लिस्ट के आते ही जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) ने भी अपने-अपने स्तर पर रिलीविंग और जॉइनिंग की कागजी प्रक्रिया को तेजी से शुरू कर दिया है।
इस 141 अधिकारियों की विशाल सूची का सबसे बड़ा असर राजधानी जयपुर के पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) क्षेत्र के अंतर्गत देखने को मिला है। जयपुर के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण रिहायशी व व्यापारिक इलाकों में शुमार मानसरोवर, बगरू, और झोटवाड़ा जैसे सर्किलों में नए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) नियुक्त किए गए हैं।
उदाहरण के तौर पर, हेमेन्द्र शर्मा को सहायक पुलिस आयुक्त, बगरू से स्थानांतरित करके सहायक पुलिस आयुक्त, मानसरोवर के पद पर तैनात किया गया है। इसी प्रकार, सत्येन्द्र सिंह नेगी को वृत्ताधिकारी, जैतारण (ब्यावर) से जयपुर कमिश्नरेट के सोढाला सर्किल में सहायक पुलिस आयुक्त के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कमिश्नरेट के भीतर किए गए इन बदलावों के पीछे का मुख्य उद्देश्य बढ़ते शहरी अपराधों, साइबर ठगी के नेटवर्क को तोड़ना और आम नागरिकों की सुरक्षा को और अधिक सुलभ बनाना है। नए अधिकारियों की तैनाती से इन वीआईपी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों की पुलिसिंग में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजधानी जयपुर के अलावा राजस्थान के ग्रामीण और जिला मुख्यालयों के सर्किलों में भी बड़े स्तर पर अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। सूची के शुरुआती क्रमों पर नजर डालें तो:
इसके साथ ही, कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले अन्य जिलों जैसे झालावाड़, बांरा, सिरोही, चूरू और प्रतापगढ़ के विभिन्न सर्किलों में भी नए वृत्ताधिकारियों (DSP) को कमान सौंपी गई है ताकि फील्ड में सरकारी योजनाओं और अपराध नियंत्रण की नीतियों को कड़ाई से लागू किया जा सके।
भजनलाल सरकार ने इस ट्रांसफर लिस्ट में केवल थानों और सर्किलों को ही प्रभावित नहीं किया है, बल्कि पुलिस की विशेष खोजी शाखाओं जैसे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), साइबर क्राइम (Cyber Crime) और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) में भी कुशल और अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया है। बढ़ती साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को देखते हुए साइबर विंग में कई नए उप पुलिस अधीक्षकों की पोस्टिंग की गई है।
हरीश भारती को उप पुलिस अधीक्षक, एसीबी से स्थानांतरित कर वृत्ताधिकारी, कपासिया (चित्तौड़गढ़) बनाया गया है। वहीं, अनिल जसोरिया को उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी गैंगस्टर टास्क फोर्स, जयपुर से हटाकर वृत्ताधिकारी, नागौर के पद पर पदस्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, आबकारी विभाग और वीआईपी सुरक्षा विंग (लीव रिजर्व व सीआईडी सीबी) में भी नए अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि राज्य में नशा माफिया और संगठित अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियानों को और अधिक गति दी जा सके।
Updated on:
09 Jun 2026 09:17 am
Published on:
09 Jun 2026 08:22 am
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