
Rajasthan Police Boycott Holi: जयपुर। राजस्थान के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि पुलिसकर्मी होली नहीं मना रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में राजस्थान पुलिस के जवानों ने अपनी मांगों को लेकर होली का बहिष्कार किया। ऐसे में अब पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी होली का बहिष्कार करने वाले पुलिसकर्मियों के समर्थन में उतर आए है। गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा से पुलिसकर्मियों की मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने की अपील की है।
बता दें कि राजधानी जयपुर सहित उदयपुर, अजमेर, हनुमानगढ़ और राजसमंद में पुलिसकर्मियों ने सामूहिक रूप से होली नहीं खेली। दरअसल, लंबे समय से चली आ रही पुलिसकर्मियों की मांगों पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने आज होली नहीं मनाने का फैसला लिया है। हालांकि, कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों ने होली मनाई है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा कि कल प्रदेशभर में उल्लासपूर्ण एवं शांतिपूर्वक होली मनाने में योगदान देने के बाद आज पुलिसकर्मी होली का बहिष्कार कर रहे हैं। मेरी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील है कि अविलंब इस मामले में दखल दें एवं पुलिसकर्मियों को होली खेलने के लिए उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला करें।
गहलोत ने आगे लिखा कि सरकार के समक्ष तमाम लंबित मांगों जैसे डीपीसी से प्रमोशन, मैस भत्ता बढ़ाने, साप्ताहिक अवकाश इत्यादि मांगों को लेकर पुलिसकर्मी आज होली का बहिष्कार कर रहे हैं। पूर्व में हमेशा बजट में पुलिसकर्मियों के हित में घोषणा होती थीं। होली सालभर में आने वाला पर्व है। हमारे नेता प्रतिपक्ष एवं कई विधायकों ने विधानसभा में भी आपकी इन मांगों को उठाया है। आगे भी हम मजबूती से सरकार के समक्ष आपकी मांगों को रखेंगे।
1. राजस्थान पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिले।
2. 150 रुपए साइकिल भत्ता बंद करें और 10 या 15 लीटर पेट्रोल प्रतिमाह मिले।
3. पुलिस कांस्टेबल की ग्रेड पे 2400 में एंट्री पे 25,500 रुपए की जाएं।
4. पुलिस कांस्टेबल से निरीक्षक के पद पर पदोन्नति की जाएं।
5. राजस्थान पुलिसकर्मियों की जनसंख्या के आधार पर नफरी बढ़ाई जाएं।
6. राजस्थान पुलिस का मेस भत्ता 5000 रुपए किया जाएं।
7. राजस्थान पुलिसकर्मियों का हार्ड ड्यूटी अलाउंस के अलावा मासिक रिस्क अलाउंस 5000 रुपए किया जाएं।
8. आरएसी कंपनी की रोटेशन प्रणाली में संशोधन।
9. राजस्थान पुलिस स्थानान्तरण पॉलिसी में संशोधन।
10. राजस्थान पुलिस का वर्दी भत्ता 10000 रुपए वार्षिक निर्धारित करें।
Published on:
15 Mar 2025 01:22 pm
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