
मंत्री मदन दिलावर और गोविंद सिंह डोटासरा। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। विधानसभा में गुरुवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन सियासी तकरार का अखाड़ा बन गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जबकि संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी बहस में कूद पड़े।
डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से समय पर पंचायत चुनाव नहीं कराने से केंद्र से तीन हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उन्होंने सवाल किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद नई मतदाता सूची तैयार हो चुकी है, फिर चुनाव पुरानी सूची से क्यों? इस पर जोगाराम पटेल ने तंज कसते हुए कहा कि आपको कुछ पता नहीं है। उन्होंने कटाक्ष किया कि आप लोग कितने दिन होटलों में बंद रहे, बिड़ला ऑडिटोरियम में क्या भाषण हुए। डोटासरा ने पलटवार में कहा कि मेरा नाम गोविंद डोटासरा है, बीच में बोले तो चौकड़ी भुला दूंगा। पटेल ने जवाब दिया, हम भी चौकड़ी भुला सकते हैं।
बहस के बीच मदन दिलावर ने कहा कि अभी 2 हजार करोड़ के मिड-डे मील का फंदा आ रहा है। डोटासरा ने जवाब दिया कि जांच का स्वागत है, लेकिन मंत्रीजी आपके ऊपर 14 मामले दर्ज हैं और 6 में हाईकोर्ट से जमानत पर हैं। जमानत नहीं होती तो जेल में होते, आपका भी फंदा आ रह है। दिलावर ने सफाई दी कि उनके खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मर्डर का फर्जी मुकदमा तक दर्ज कराया गया। इस पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि हाईकोर्ट से बेल पर होना गुनाह नहीं।
डोटासरा ने तंज कसा कि राजस्थान में ग्रामीण विकास और पंचायत राज अलग-अलग विभाग बनाए गए हैं। पंचायत राज विभाग भी किरोड़ीलाल मीना को दिया जाना चाहिए ताकि छापेमारी कर कुछ काम तो हो। उन्होंने आरोप लगाया कि किरोड़ी की लोकप्रियता कम करने के लिए दिलावर को पीछे लगाया गया है। इस पर किरोड़ी मीना ने कहा कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से देशभक्ति का पाठ पढ़कर आए हैं।
डोटासरा ने कहा कि हाईकोर्ट ने अप्रैल तक चुनाव कराने को कहा था, फिर सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों गई? सरकार चुनाव कराने में सक्षम नहीं। अभी चुनाव हुए तो सूपड़ा साफ हो जाएगा। उन्होंने मनरेगा भुगतान में देरी और योजनाओं में बजट कटौती के आरोप भी लगाए। सदन में आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल देर तक गरमाया रहा।
डोटासरा ने सीएम को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार को पता है कि पंचायत चुनाव में करारी हार होगी। इसलिए चुनाव नहीं करा रहे हैं, सीएम में दम है तो भरतपुर से चुनाव जीत कर बता दें। मुख्यमंत्री चुनकर तो सांगानेर से आए हैं और भरतपुर में पैसा खर्च कर रहे हैं, ऐसा नहीं चलेगा। मंत्री अविनाश गहलोत ने डोटासरा पर पलटवार किया और नोकझोंक हुई, हालांकि डोटासरा का माइक बंद होने से बोल नहीं पाए।
Published on:
27 Feb 2026 09:25 am
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