
आठ करोड़ से अधिक जनता पर 7.92 लाख करोड़ की देनदारी (फोटो-एआई)
जयपुर: वर्षों से बजट में राजस्व के हवाई अनुमान लगाकर दूसरे प्रदेशों की ही तरह हमारे यहां भी घोषणाओं की रेवड़ियों (फ्री बीज) से आमजन का दिल जाता जा रहा है। लेकिन बढ़ते कर्ज से प्रदेश की कमर टूट रही है।
अधिकारी बजट पूर्व बैठकों के आधार पर राजस्व का जो अनुमान लगाते हैं। वह वास्तविकता से हजारों करोड़ रुपए दूर है। मौजूदा वित्त वर्ष के राजस्व प्राप्ति के वास्तविक आंकड़े अनुमान से कितने पीछे रहेंगे, यह तो अगले साल ही पता चलेगा।
लेकिन आंकड़ों से साफ है कि साल दर साल अनुमान और वास्तविकता के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। सात साल पहले अंतर करीब 24 हजार करोड़ था, जो पिछले साल 37 हजार करोड़ पार हो गया। ऐसे में अनुमान है कि अगले वर्ष मार्च के अंत तक प्रदेश की 8 करोड़ से अधिक आबादी पर कुल देनदारी 7.92 लाख करोड़ रुपए से ऊपर हो जाएगी।
कर्मचारियों को जीपीएफ ऋण और पेंशनर को ग्रेच्युटी आदि का भुगतान कई महीने की देरी से हो रहा है तो समय पर भुगतान नहीं मिलने की सरकारी काम करने वाले ठेकेदारों की शिकायत भी सुनने को मिलती रहती है। विशेषज्ञों की मानें तो निवेश के माध्यम से आय बढ़ाना और प्रशासनिक खर्च पर सख्त नियंत्रण ही बेहतर उपाय है। इसमें एआई टूल्स के जरिए निगरानी भी मदद कर सकती है।
राजस्व प्राप्ति की तस्वीर (राशि करोड़ रुपए में)
| वर्ष | अनुमान | हकीकत | अंतर |
|---|---|---|---|
| 2026-27 | 325740 | ? | ? |
| 2025-26 | 294536 | ? | ? |
| 2024-25 | 264461 | 227250 | 37211 |
| 2023-24 | 233988 | 203276 | 30712 |
| 2022-23 | 214977 | 194987 | 19990 |
कर्ज का चढ़ता ग्राफ (राशि करोड़ रुपए में)
| वर्ष | कुल देनदारी (करोड़ रुपए) |
|---|---|
| 2026-27 | 792025 (अनुमानित) |
| 2025-26 | 726385 (अनुमानित) |
| 2024-25 | 640844 |
| 2023-24 | 571638 |
| 2022-23 | 505574 |
Published on:
27 Feb 2026 09:18 am
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