
बेबस परिक्षार्थियों को क्यों करनी पड़ी परीक्षा स्थगित करने की मांग, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर
जयपुर. रोडवेज बसों की 19 दिनों से जारी हड़ताल और शनिवार को प्रधानमंत्री के दौरे में लोकपरिवहन की 400 बसें लगने से पुलिस उपनिरीक्षक की भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले 4.69 लाख अभ्यर्थियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। परीक्षार्थियों के साथ ही आमजन को भी शनिवार और रविवार को परेशानी से जूझना पड़ेगा। कई अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र इतनी दूर हैं कि वे एक दिन पहले ही केंद्रों पर पहुंचना चाहते हैं। शुक्रवार को ही लोकपरिवहन बसों का टोटा हो गया। ऐसे में बेबस परीक्षार्थियों ने परीक्षा स्थगित करने की मांग की है।
पीएम के दौरे ने बढ़ाई मुश्किल
राजधानी में पहले ही रोडवेज हड़़ताल से परेशान यात्री फिर संकट में आ गए। नारायण सिंह सर्कल, सिंधी कैंप के बाहर बसों को लेकर मारामारी मची रही। यात्रियों ने अन्य राज्यों की बसों में सफर किया। इधर परिवहन अधिकारियों से इस बारे में बात करना चाही तो डीटीओ से लेकर आयुक्त जबाव देने से बचते नजर आए। एसआइ परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को गृह जिलों से बाहर दूर परीक्षा केन्द्र दिए गए हैं। सुबह परीक्षा का समय होने के कारण एक दिन पहले ही केन्द्रों पर पहुंचने की मजबूरी हो गई है। कई ऐसे जिलों में सेंटर हैं, जहां पर ट्रेन, बसों की सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। अभ्यर्थियों के लिए बड़ी परेशानी हो रही है।
परिवहन विभाग की चुप्पी
चुनावी कार्यक्रम होने के कारण परिवहन विभाग चुप्पी साधे हुआ है। विभाग लोकपरिवहन बसों को रैली मेें नहीं लगाने की बात कह रहा है। जबकि सड़कों पर हकीकत नजर आ रही है। लोक परिवहन बस ऑपरेटर दबी जुबान से बात को कबूल रहे हैं। इधर जयपुर आरटीओ में एक गुरुवार को ही सभी डीटीओ की अजमेर रैली को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें बसों की व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई।
परेशानी का पैमाना
4.69 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा।
1300 लोक परिवहन बसें हैं कुल।
400 से बसें रैली में लगाई।
4500 बसें बंद हैं हड़ताल से राजस्थान रोडवेज की।
10 लाख रोज रोडवेज में सफर करते।
60 हजार लोग रोज राजधानी से सफर करते हैं।
Updated on:
06 Oct 2018 10:45 am
Published on:
06 Oct 2018 10:45 am
