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राजस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए खुशखबरी, 3 साल बाद होगा SET Exam

तीन साल बाद राजस्थान में राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) आयोजित होगी। इस बार जिम्मेदारी कोटा विश्वविद्यालय को मिली है। नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा। यूजीसी नेट पैटर्न पर परीक्षा होने की संभावना है, जिससे सहायक प्रोफेसर बनने के अवसर बढ़ेंगे।

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जयपुर

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Arvind Rao

Apr 29, 2026

Rajasthan SET Exam Returns After 3 Years Kota University to Conduct Exam Golden Chance for Assistant Professors

राजस्थान में 3 साल बाद फिर होगी 'सेट' परीक्षा (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान में सहायक प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए खुशखबरी आई है। तीन साल के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) के आयोजन को हरी झंडी मिल गई है।

इस बार इस महत्वपूर्ण परीक्षा की कमान कोटा विश्वविद्यालय को सौंपी गई है, जिसने अधिसूचना जारी करने की तैयारियां भी शुरू कर दी है। इससे पहले 2013 में आरपीएससी और फिर 2023 में इसकी जिम्मेदारी बांसवाड़ा के गोविंद गुरु जनजातीय विवि को मिली थी। सहायक प्रोफेसर और कॉलेज लेक्चरर की भर्ती के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) या सेट होना जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय बाद सेट का आयोजन उच्च शिक्षा स्तर के स्टूडेंट्स के लिए बेहतरीन अवसर होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता परीक्षा प्रदेशभर के छात्रों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगी। इससे कॉलेज भर्ती परीक्षाओं में अवसर मिलेंगे। निजी विश्वविद्यालयों कॉलेजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेट के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा।

ये विषय हैं संभावित

वर्ष 2023 में 30 विषयों में यह परीक्षा करवाई थी। इसमें केमिकल साइंस, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लिकेशन, अर्थशास्त्र, अर्थसाइंस, एजुकेशन, इलेक्ट्रॉनिक साइंस, इंग्लिश, एनवायरनमेंटल साइंस, जियोग्राफी, हिंदी, इतिहास, होम साइंस, विधि, लाइफ साइंस, लाइब्रेरी साइंस, मैनेजमेंट, मैथेमेटिकल साइंस, फिजिकल साइंस, फिजिक्स, पॉलिटिकल साइंस, पॉपुलेशन स्टडीज, साइकोलॉजी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, राजस्थानी, संस्कृत, समाजशास्त्र, उर्दू और विजुअल आर्ट्स आदि शामिल थे।

माना जा रहा है कि इस बार भी इन विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें और भी विषय जुड़ व हट सकते हैं। विवि की बैठक और परीक्षा नोटिफिकेशन के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।

नेट का पैटर्न रहता है आधार

'नेट' में 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होते हैं। प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होता है। इसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होती है। परीक्षा का कुल समय 3 घंटे रहता है। पहला पेपर टीचिंग और रिसर्च एप्टीट्यूड से संबंधित होता है। जबकि दूसरा पेपर अभ्यर्थी के चयनित विषय से संबंधित होता है। सेट में भी यही पैटर्न अपनाने की संभावना जताई जा रही है।

'सेट के आदेश मिले हैं'

प्रदेश में इस साल सेट होने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से पत्र मिला है। विवि स्तर पर प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आवेदन कब, कितने विषय, क्या पैटर्न रहेगा, यह विवि प्रशासन और एक्सपर्ट की बैठक में तय करके सूचना सार्वजनिक की जाएगी।
-प्रो. बीपी सारस्वत, कुलगुरु, कोटा विश्वविद्यालय