
जयपुर के जंतर मंतर पर टूरिस्ट हुए कम, पत्रिका फोटो
Rajasthan Tourism Crisis: अमरीका-ईरान युद्ध का असर अन्य सेक्टर के साथ ही पर्यटन उद्योग पर भी गहराई से दिखाई देने लगा है। युद्ध के चलते फ्लाइट ऑपरेशन रद्द हो रहे है, हवाई जहाज का ईधन महंगा हो गया है और किराया चार गुना तक बढ़ गया है। बेहतर कनेक्टिविटी प्रभावित होने से राजस्थान पर्यटन को वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के पहले महीने अप्रेल में ही बड़ा झटका लगा है।
इन हालात में यूरोपीय देशों से आने वाले पर्यटकों के कदम ठिठक गए हैं। जयपुर और अन्य जिलों में होटल्स की करीब 80 फीसदी बुकिंग निरस्त हो चुकी है। राज्य के पर्यटन उद्योग से जुड़े रोजगार और बाजार संकट में घिरते दिख रहे हैं। होटल कारोबारियों का कहना है कि अप्रेल की बुकिंग जिस अनुपात में रद्द हुई है, उसके आधार पर जून तक होटल उद्योग को करोड़ों के नुकसान की आशंका है।
मौजूदा हालात से पर्यटन उद्योग को रोजाना 6 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है। हालांकि अमरीका-ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्ध विराम की घोषणा के बाद विदेशी पर्यटन के हालात सुधरने की उम्मीद जगी है। राजस्थान में अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, यूके, फ्रांस और नार्वे समेत करीब 18 देशों से पर्यटक आते हैं, लेकिन इस बार इन देशों के पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज हुई है। टूर ऑपरेटर्स के अनुसार पहले रोजाना 500 से 700 विदेशी पर्यटक जयपुर पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 100 से 150 रह गई है।
राजस्थान एसोसिएशसन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह ने बताया कि जयपुर में 31 मार्च को पर्यटन सीजन समाप्त होने के बाद कारोबारी ईस्टर पर विदेशी पर्यटकों की अच्छी बुकिंग की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन इस बार ईस्टर पर होटल्स को विदेशी पर्यटकों की बुकिंग 10 फीसदी भी नहीं मिली। सामान्यतः ईस्टर से 10 दिन पहले और 20 अप्रैल तक होटल्स फुल रहते थे, लेकिन इस बार तीन से पांच सितारा होटल्स तक में सन्नाटा रहा।
होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के सचिव रणविजय सिंह के अनुसार बुकिंग में आई गिरावट का असर केवल होटल कारोबार तक सीमित नहीं रहा। पर्यटन उद्योग से जुड़े रोजगार और बाजार पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ा है। एयरपोर्ट से होटल तक पर्यटकों को लाने वाले, होटल में काम करने वाले युवाओं और गाइड्स सभी प्रभावित हुए हैं। गाइड्स का कहना है कि इस बार अप्रेल में उनके पास विदेशी पर्यटकों की बुकिंग उंगलियों पर गिनने लायक ही रह गई है।
Published on:
10 Apr 2026 09:03 am
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