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Rajasthan : अब बैंकों के प्रमोशनल कॉल से मिलेगी राहत, जुलाई से TRAI ला रहा है नई व्यवस्था

Rajasthan : ट्राई जुलाई से नया सिस्टम ला रहा है। राजस्थान सहित पूरे देश में आपकी मंजूरी के बिना बैंकों के प्रमोशनल कॉल नहीं आएंगे। प्रमोशनल कॉल से पहले बैंकिंग-फाइनेंस कंपनियों को अलग सहमति लेनी होगी।

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Rajasthan TRAI introducing new system July Now promotional calls from banks provide relief

ट्राई की नई व्यवस्था जुलाई से। ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan : मोबाइल उपभोक्ताओं को बैंक और अन्य फाइनेंस कंपनियों की ओर से आने वाले प्रमोशनल कॉल और मैसेज से राहत दिलाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत जल्द ही बैंक उपभोक्ता की स्पष्ट सहमति के बिना प्रमोशनल कॉल या मैसेज नहीं भेज सकेंगे।

यह व्यवस्था डीएलटी (डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी) की तर्ज पर अलग प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होगी, जिसे भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) तैयार कर रहा है। इसका पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे आधिकारिक रूप से लागू किया जा सकता है।

ट्राई अधिकारियों के अनुसार अभी तक बैंक और फाइनेंस कंपनियां सामान्य बैंकिंग सेवाओं के लिए ली गई अनुमति (खाता खुलवाते समय फॉर्म में दी गई सहमति) के आधार पर विभिन्न ऑफर्स के प्रचार संबंधी कॉल और मैसेज भेजती रही हैं। नई व्यवस्था में मार्केटिंग और प्रमोशनल गतिविधियों के लिए अलग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। उपभोक्ता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाकर यह देख सकेंगे कि उन्होंने किन-किन सेवाओं या प्रमोशनल गतिविधियों के लिए सहमति दी है। साथ ही वे अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी समय इस सहमति को वापस भी ले सकेंगे।

आठ बैंकों के साथ हुआ परीक्षण

फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट आठ बैंकों के साथ चलाया गया था, जिसमें सीमित उपभोक्ता डेटा के जरिए परीक्षण किया गया। बैंकिंग सेक्टर के बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य सेक्टरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

अभी यह हो रहा.. साइबर ठगी में होगी कमी…

1- कई उपभोक्ता बिना पढ़े बैंक या ऐप के नियम एवं शर्तों के फॉर्म पर हस्ताक्षर कर देते हैं। इसी सहमति का उपयोग बाद में प्रमोशनल कॉल और मैसेज भेजने के लिए किया जाता है। नई व्यवस्था में सेवा और मार्केटिंग अनुमति अलग-अलग होगी।
2- साइबर फ्रॉड के कई मामलों में ठग खुद को बैंक अधिकारी, केवाइसी एजेंट या लोन विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों से ओटीपी, कार्ड डिटेल और बैंकिंग जानकारी हासिल करते हैं। लगातार आने वाले प्रमोशनल कॉल के कारण आम उपभोक्ता असली और फर्जी कॉल में अंतर नहीं कर पाते।

अब 2 नंबर सीरीज : 1600 जरूरी कॉल, 1400 प्रमोशनल कॉल के लिए

अब कॉल दो अलग-अलग नंबर सीरीज से आएंगे, ताकि उपभोक्ता आसानी से समझ सकेगा कि कौन सा कॉल जरूरी सेवा से जुड़ा है और कौन सा प्रमोशनल।
1- 1600 सीरीज नंबर- इसका उपयोग केवल जरूरी सेवा और ट्रांजेक्शन कॉल के लिए होगा। इन नंबरों से बैंक, बीमा कंपनियां, सरकारी संस्थाएं और अन्य वित्तीय संस्थान कॉल करेंगे।
2- 1400 सीरीज नंबर- इसका उपयोग प्रमोशनल और टेलीमार्केटिंग कॉल के लिए किया जाएगा। इन नंबरों से कंपनियां ऑफर, स्कीम और विज्ञापन संबंधी कॉल करेंगी।

अब उपभोक्ता खुद तय करेगा

नई व्यवस्था का मकसद है कि उपभोक्ता को उसकी मंजूरी के बिना बैंकिंग प्रमोशनल कॉल या मैसेज नहीं मिले। उपभोक्ता खुद तय करेगा कि किसे अनुमति देनी है और कब वापस लेनी है। फर्जी बैंकिंग कॉल के जरिए होने वाली ठगी पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। नया प्लेटफार्म तैयार कर रहे हैं।
राजेश कुमार अग्रवाल, सलाहकार, ट्राई