
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह में शिक्षा और उपलब्धियों का भव्य संगम देखने को मिला। समारोह में 2.71 लाख विद्यार्थियों को 24 सिक्योरिटी फीचर्स से लैस डिग्रियां जारी की गई। मंच पर 250 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिए गए जिनमें 197 छात्राएं और 53 छात्र शामिल रहे।
कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने बताया कि डिग्रियों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए क्यूआर कोड के साथ एंटी कॉपी फीचर जोड़ा गया है। मैग्नीफाइंग ग्लास से देखने पर डिग्री की वास्तविकता की पुष्टि हो सकेगी। इसके अलावा यूवी इनविजिबल इंक माइक्रो लाइन प्रिंटिंग ड्यूअल हिडन फ्लूरोसेंट लोगो यूवी वेलिडेशन स्टैंप गोल्ड फॉइल प्रिंटिंग और हिडन आइडेंटिटी फीचर शामिल किए गए हैं। डिग्रियां नॉन टेरेबल मेटेरियल पर तैयार की गई हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी महत्वाकांक्षाओं को राष्ट्रहित से जोड़ने और नवाचार के जरिए देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
समारोह में महिला विद्यार्थियों का दबदबा स्पष्ट नजर आया। कुल 250 गोल्ड मेडल में से 197 मेडल छात्राओं ने हासिल किए। उप राष्ट्रपति ने इसे नारी सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह प्रवृत्ति समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने नारी शक्ति को देश की नींव बताते हुए इसके सशक्तिकरण के लिए और प्रयास करने की जरूरत बताई।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में ईमानदारी नैतिकता और चरित्र सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने देश में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई और युवाओं से इससे दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की आग को बुझाना जरूरी है ताकि युवा अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकें।
इस बार इकोनॉमिक्स विषय में डी लिट की उपाधि रिटायर्ड आईपीएस डॉ. के. राम को मिली, जो 72 वर्ष के हैं। इस दौरान उनके साथ पोते-पोती भी आए थे। दादाजी को राज्यपाल से उपाधि लेते देख वे काफी खुश हुए। के. राम मणिपुर में डीजी पद पर रहे हैं। 1981 बैच के आईपीएस रहे। उन्होंने 49 साल पहले आरयू से ही इकोनॉमिक्स में एमए किया था और गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा हिमांशु दत्त को एक साथ चार गोल्ड मेडल मिले जिनमें फिजिक्स मैथ्स और ओवरऑल बीएससी शामिल है। आरुषि वर्मा को ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में गोल्ड मेडल मिलां जबकि ध्रुव दाधीच ने विशेष श्रेणी में सफलता हासिल की। दुर्गेश राजोरिया ने 50 वर्ष की उम्र में संस्कृत में एमए कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया।
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और युवाओं को अनुशासन और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। समारोह में राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने युवाओं को कर्तव्य के प्रति जागरूक रहने सहानुभूति और विनम्रता अपनाने तथा समाज की भलाई में योगदान देने का संदेश दिया।
Published on:
26 Apr 2026 10:46 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
