
Rajasthan Weather Alert (Photo-AI)
Rajasthan Weather Alert: जयपुर: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी हैं। झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और मानसून ट्रफ लाइन जम्मू, देहरादून और कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके असर से बुधवार को पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश हुई।
वहीं उदयपुर, अजमेर संभाग और शेखावाटी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, 27 अगस्त से 2 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में फिर कमी आने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 27 अगस्त से 2 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में 27 और 28 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में भी अगले एक सप्ताह तक मानसून की परिस्थितियां कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का जोर कम होने के साथ मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजस्थान में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ बुधवार को जयपुर में एक घंटे की तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया, तो वहीं अलवर और चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी (35 मिमी) में भी बारिश दर्ज की गई। कोटा के इटावा में नोनेरा-ऐबरा बांध के 3 गेट 5 मीटर तक खोलकर 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जयपुर की लाइफलाइन बीसलपुर बांध का जलस्तर 314.09 आरएल मीटर पहुंच गया है, जिसमें 24 घंटे में 4 सेमी पानी की आवक हुई।
इससे पहले पूर्वी राजस्थान (बूंदी, कोटा, झालावाड़, सवाई माधोपुर, दौसा, टोंक) में मंगलवार को 3 इंच तक बारिश हुई, जिससे जलाशय छलक गए। धौलपुर में एक युवक नदी में बह गया।
श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू में उमस बढ़ गई है। श्रीगंगानगर में तापमान 41°C दर्ज हुआ, जो पिछले दो साल में अगस्त का सबसे गर्म दिन रहा। मानसून सुस्त पड़ने से अगस्त अंत तक प्रदेश के 205 बांध अभी भी खाली पड़े हैं।
Updated on:
26 Aug 2026 09:55 pm
Published on:
26 Aug 2026 09:55 pm
