
Jaipur News: नई एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) और निर्यात प्रोत्साहन नीति में दावा किया गया है कि इससे एक लाख लोगों के लिए रोजगार की राह खुल सकेगी। साथ ही 83704 करोड़ रुपए के निर्यात बढ़ाकर 1.5 लाख करोड़ रुपए किया जा सकता है। इससे न केवल प्रदेश के उद्यमियों को व्यापार का बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग करने में भी आसानी होगी। हालांकि जानकारों का मानना है कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नीति को प्रभावी तरीके से लागू करना होगा।
एमएसएमई इकाइयों में शामिल हस्तशिल्पी, दस्तकार, बुनकरों पर भी फोकस करना पड़ेगा, क्योंकि व्यापार में इनका बड़ा हिस्सा शामिल है। साथ ही इन प्रावधानों की मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करनी होगी। उद्यमियों को निर्यातक बनाने के लिए निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाना होेगा। कैबिनेट में मंजूर की गई नई नीति के प्रावधान राइजिंग राजस्थान समिट में एमएसएमई के लिए बड़े अवसर लेकर आई है। राजस्थान इनवेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम के तहत भी कई छूट दी जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने पांचवे संकल्प के तहत राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने का निश्चय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती को स्वच्छ भविष्य देने की मुहिम में अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए राज्य सरकार पर्यावरण के प्रतिकूल गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।
Published on:
03 Dec 2024 08:25 am
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