
जयपुर। भारत में हिंदू धर्म को मानने वाले अधिक लोग है इसलिए परशुराम जयंती का महत्व और अधिक बढ़ गया है। परशुराम जयंती हिन्दू पंचांग के वैशाख माह की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है। इसे परशुराम द्वादशी भी कहा जाता है। अक्षय तृतीया को परशुराम जयंती के रुप में भी मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दिए गए पुण्य का प्रभाव कभी खत्म नहीं होता। इस साल भगवान परशुराम की जयंती 18 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन उपवास के साथ सर्व ब्राह्मण समाज का जुलूस और सत्संग भी सम्पन्न किए जाते है। वहीं अब राजस्थान में परशुराम जयंती पर भी सरकारी अवकाश रहेगा। इससे पहले परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में ऐच्छिक अवकाश दिया जाता था लेकिन सर्व ब्राह्मण समाज की मांग पर मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में 18 अप्रेल को पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश पर मुहर लगा दी है।
आपको बता दें कि प्रदेश के सर्व ब्राह्मण समाज की लम्बे समय से परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग थी। राज्य सरकार के वार्षिक कैलेंडर 2018 में भी परशुराम जयंती के दिन ऐच्छिक अवकाश स्वीकृत था। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को एक संशोधित आदेश जारी करते हुए परशुराम जयंती पर ऐच्छिक अवकाश को सार्वजनिक अवकाश में बदलने की घोषणा की। जिसके तहत अब आगामी 18 अप्रेल को परशुराम जयंती पर सरकार के सभी ऑफिसों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
गौरतलब है कि परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल कुछ समय पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिला भी था। वहीं राजे ने सर्व ब्राह्मण समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को आदेश जारी कर कलेण्डर वर्ष 2018 के घोषित अवकाशों की सूची में संशोधन कर परशुराम जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया। इसकी घोषणा के बाद ब्राह्मण संगठनों ने खुशी जताते हुए राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का आभार जताया है। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई के मैसेज देने के साथ ही सरकार का आभार जताया ।
Published on:
12 Apr 2018 12:12 pm
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