
जयपुर। सीएम अशोक गहलोत ने गुरुवार को साफ किया हैं कि वे कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं लडेंगे और सीएम को लेकर फैसला मैं नहीं करूंगा, वो सोनिया गांधी करेगी। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद गहलोत ने मीडिया को यह जानकारी दी। गहलोत ने कहा कि मैनें सोनिया गांधी के सामने रविवार के घटनाक्रम को लेकर माफी मांगी और खेद व्यक्त किया हैं। वहीं इस मामले को लेकर राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट किया है। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की राजनीति में अस्थिरता का भयंकर दौर प्रारंभ हो गया।
सोनिया और गहलोत की मुलाकात
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस बैठक में सोनिया गांधी, गहलोत के अलावा केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। सोनिया और गहलोत की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। जब गहलोत सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ गए, तो उनके पास एक पेपर था, जिसमें लिखा हुआ था जो हुआ बहुत दुखद है, मैं भी बहुत आहत हूं। इससे पहले अशोक गहलोत ने दिल्ली पहुंचकर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि हम सभी कांग्रेस अध्यक्ष के अनुशासन में काम करते हैं। छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं। आप सब देखोगे कि कांग्रेस अध्यक्ष के हिसाब से ही सारे फैसले होंगे।
राजस्थान की राजनीति में अस्थिरता का भयंकर दौर होगा शुरु
राठौड़ ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री जी अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे। प्रदेश में CM कौन होगा या कौन रहेगा, इसका फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया है जबकि पार्टी के 92 विधायकों ने अपना इस्तीफा देकर आलाकमान को ललकार रखा है। यह घटनाएं सिद्ध कर रही हैं कि कांग्रेस विघटन की ओर जा रही है।
राजस्थान की राजनीति में अस्थिरता का भयंकर दौर प्रारंभ हो गया। कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी जी से बैठक के बाद सीएम अशोक गहलोत का कहना कि 'मुझे दु:ख है मैं सीएम होने के बाद भी कांग्रेस के प्रस्ताव को पास नहीं करा पाया' और इस मामले में माफी मांगना उनकी अक्षमता को दर्शाता है।
Published on:
29 Sept 2022 04:39 pm
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