5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जल्द ही निपटालें बैंक से जुड़े हुए काम, सितंबर के शुरूआती दिनों में इतने दिन के लिए बंद रहेंगे बैंक!

www.patrika.com/jaipur-news/
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

rohit sharma

Aug 29, 2018

Bank close

Bank close

जयपुर ।

प्रदेशवासियों को सितंबर माह में कैश की किल्लत से झूझना पड़ सकता है। दरअसल, सितंबर के पहले हफ्ते में बैंको का अवकाश रहेगा ऐसे में बैंक तीन दिन के लिए बंद रहेंगे। बैंक में अवकाश की वजह से माह के शुरुआती दिनों में ही आम लोगों को कैश की किल्लत हो सकती है। सितंबर में लगातार तीन दिन की छुट्टी के चलते लोगो को बैंक से संबंधित काम पहले ही निपटाने होंगे।

आपको बता दें कि प्रदेश के बैंको में छुट्टी का कारण और कुछ नहीं बल्कि सितंबर माह में आने वाले सार्वजनिक अवकाश हैं। इसीलिए एक सितंबर को शनिवार व दो सितंबर को रविवार और तीन सितंबर यानी सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी होने के कारण सार्वजनिक और निजी बैंक बंद रहेंगे। माह के शुरूआती दिनों में लगभग सभी लोगो को बैंक से संबंधित काम होते हैं ऐसे में बैंक बंद रहने की वजह से काम अटक भी सकते हैं। हालांकि इस दौरान कैश से संबंधित समस्या नहीं होगी लोगों को ATM में आसानी से कैश मिल जाएगा। बैंक लोगो की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार आने वाले अवकाश से पहले ही एटीएम मशीनों में कैश फिलिंग कर देते हैं। इस दौरान ग्राहकों को
कैश संबंधित दिक्कत नहीं होगी।


बैंक की इन सुविधाओं में पड़ सकता है असर

बैंक की कैश संबंधित समस्या पर तो असर ना के बराबर ही पड़ेगा, लेकिन बैंक की कुछ सुविधाएं ऐसी भी हैं जो बिना बैंक जाए पूरी नहीं हो सकती हैं। उन पर असर देखा जा सकता है। तीन दिन बैंक बंद रहने से बैंक की इन सुविधाओं पर असर देखा जा सकता है। जिनमें आरटीजीएस, चैक डिपाजिट, एनईएफटी सेवा प्रभावित होगी।


RBI कर्मचारी रह सकते हैं दो दिन की हड़ताल पर

बताया जा रहा है कि इन अवकाशों के बाद 4 और 5 सितंबर को यानि दो दिन RBI के कर्मचारी हड़ताल पर रह सकते हैं अगर ऐसा रहा तो बैंक 5 दिन बंद रहेंगे और लोगो को बैंक से संबंधित काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। मिली जानकारी के अनुसार कर्मचार‍ियों की ये हड़ताल पेंशन से जुड़ी मांगों को मनवाने के लिये है। कर्मचारियों की मांग में अंशदान आधारित भविष्य निधि के दायरे में आने वालों के लिए पेंशन को अपडेट करना और 2012 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए सीपीएफ/अतिरिक्त भविष्य निधि का लाभ देना शामिल है। इसमें आरबीआई के ऑफ‍िसर और अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।