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अब होगा पंचायतों का पुनर्गठन, 4000 – 6500 की आबादी पर होगी एक ग्राम पंचायत

— 2014 में हुआ था पुनर्गठन, पूर्ववर्ती सरकार ने किया था पुनर्गठन — अब 4000 - 6500 की आबादी पर होगी एक ग्राम पंचायत — पहले 5000—7500 की आबादी के हिसाब से किया था पुनर्गठन — दो से ढाई हजार ग्राम पंचायतें और 100 से 150 पंचायत समितियां बढ जाएंगी
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अरविन्द शक्तावत/जयपुर।
नगर निकायों के पुनर्गठन के बाद अब सरकार ने एक और बडा फैसला लेते हुए पंचायतों के पुनर्गठन का भी निर्णय कर लिया है। पंचायतों के लिए होने वाले पुनर्गठन में आबादी की गणना को बदल दिया है। पिछली बार राज्य में 5000 से 7500 की जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन हुआ था और इस बार सरकार 4000 से 6500 की आबादी के हिसाब से पुनर्गठन करवाएगी। वहीं 25 पंचायतों पर एक पंचायत समिति बनाने का निर्णय किया गया है। इससे पहले प्रदेश में पिछली भाजपा सरकार के समय 2014 में पंचायतों का पुनर्गठन किया गया था।


राज्य सरकार ने पंचायतों के पुनर्गठन के लिए बुधवार को आदेश जारी कर दिए। पुनर्गठन के लिए कलक्टरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कलक्टरों से प्रस्ताव तैयार करवाने, सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित करने और एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रण कर उन पर सुनवाई करने को कहा गया है। यह सब काम हो जाने के बाद कलक्टर नई पंचायतों और पंचायत समितियों के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेंगे। एक ग्राम पंचायत में आठ किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को ही शामिल किया जा सकेगा। अनुसूचित एवं मरूस्थलीय क्षेत्रों के लिए दूरी का निर्धारण जिला कलक्टर प्रशासनिक एवं व्यवहारिक द्रष्टिकोण से स्वयं कर सकेंगे। किसी भी राजस्व ग्राम को दो पंचायतों में नहीं रखा जाएगा।

पंचायत समितियों को इस तरह से होगा पुनर्गठन


एक पंचायत समिति में 25 ग्राम पंचायतों को ही रखा जाएगा। यदि एक सर्किल में ज्यादा गांव है तो 25 के बाद नई पंचायत समिति बनाने का काम शुरू होगा और दूसरी पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों को शामिल कर 25 पंचायतों पर एक पंचायत समिति बनाई जाएगी। दो लाख या उससे अधिक आबादी वाली पंचायत समितियों का पुनर्गठन होगा, साथ ही जिन पंचायत समितियों में 40 या उससे अधिक ग्राम पंचायत होंगी। उनका भी पुनर्गठन होगा। यदि कहीं 25 ग्राम पंचायत नहीं हो रहे तो कलक्टर को यह अधिकार होगा कि वह परिस्थिति के अनुरूप कम ग्राम पंचायतों पर भी पंचायत समिति बना सकेगा।

वर्तमान में 295 पंचायत समितियां, 9892 पंचायतें


प्रदेश में वर्तमान में 295 पंचायत समितियां और 9892 पंचायतें हैं। 2014 में हुए पुनर्गठन के बाद प्रदेश में पंचायत और पंचायत समितियों की संख्या में बढोतरी हुई थी। अब प्रदेश में पिफर से पुनर्गठन के बाद पंचायत समितियों की संख्या में 100 से 150 और पंचायतों में दो से ढाई हजार की बढोतरी हो जाएगी।

यह होगा पुनर्गठन का कार्यक्रम
जिला कलक्टर की ओर से प्रस्ताव तैयार कर प्रकाशन— 15 जून से 14 जुलाई
प्रस्तावों पर आपत्ति आमंत्रित— 15 जुलाई से 13 अगस्त
ड्राफृट प्रस्तावों पर आपत्तियों पर सुनवाई— 14 अगस्त से 23 अगस्त
प्रस्ताव तैयार कर पंचायती राज को भिजवाने की तिथि— 24 अगस्त से 2 सितम्बर

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