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काश ट्रॉमा सेंटर चालू होता तो बच जाती दो जान, सरकारों की उदासीनता छीन रही लोगों की जिंदगी

Road accident in Ringas: कस्बे के राजकीय समुदाय स्वास्थ्य केंद्र में बना ट्रॉमा सेंटर यदि चालू होता तो शायद सड़क हादसे में घायल दो लोगों की जान बच सकती थी। लेकिन दोनों घायलों ने रींगस से रेफर करने के बाद जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया

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Road accident in Ringas: कस्बे के राजकीय समुदाय स्वास्थ्य केंद्र में बना ट्रॉमा सेंटर यदि चालू होता तो शायद सड़क हादसे में घायल दो लोगों की जान बच सकती थी। लेकिन दोनों घायलों ने रींगस से रेफर करने के बाद जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। यह पहला हादसा नहीं है जब इस तरीके से घायलों की बीच राह में जान गई हो, इससे पहले भी सैकड़ों बार सड़क हादसों में घायल होने पर इलाज के लिए रैफर करने के बाद घायलों ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

रींगस कस्बे सहित आसपास के इलाके में आए दिन सड़क हादसे होते हैं। हादसों में घायल होकर आने वाले लोगों को महज प्राथमिक उपचार के बाद ही सीकर या जयपुर रैफर करना पड़ता है। समय पर सही इलाज के अभाव में घायल दम तोड़ देते हैं। वर्षों में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रॉमा सेंटर का भवन तैयार है लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार की उदासीनता के चलते अभी तक चालू नहीं हो पाया है।

पांच साल में तैयार है ट्रॉमा सेंटर का भवन
राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछली भाजपा सरकार ने करोड़ों रुपए की लागत से ट्रॉमा सेंटर का भवन तैयार करवाया था, लेकिन भवन का उद्घाटन होने से पहले ही कांग्रेस सरकार सत्ता में आ गई। पिछले पांच साल में कांग्रेस सरकार की अनदेखी के चलते ट्रॉमा सेंटर शुरू नहीं हो पाया। जनता का दर्द आज भी ज्यों का त्यों बना हुआ है। 5 साल में अगर ट्रॉमा सेंटर चालू हो जाता तो जनता को इसका बड़ा लाभ मिलता।

घोषणा पर घोषणा धरातल पर नहीं हुआ कोई काम
जाते-जाते कांग्रेस सरकार ने अंतिम साल में रींगस में ट्रॉमा सेंटर की एक बार फिर घोषणा तो कर दी थी, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। कांग्रेस सरकार की ओर से ना तो ट्रॉमा सेंटर के लिए पद स्वीकृत किए और ना ही मशीनें लगाई गई है। पांच साल से भवन अनुपयोगी साबित हो रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि नई भाजपा सरकार कब इस ट्रॉमा सेंटर की सुध लेती है और कब जनता को इसका लाभ मिल पाता है।

इनका कहना है
सरकारें आपसी राजनीति के चक्कर में जनहित से जुड़े कामों को भी अटका देती हैं। रींगस सीएचसी का ट्रॉमा सेंटर शीघ्र प्रारंभ होना चाहिए जिससे कि आमजन को इसका लाभ मिल सके।
नितेश काबरा, कस्बेवासी

समय पर इलाज के अभाव में सैकड़ो घरों के चिराग बुझ गए। नई सरकार ट्रॉमा सेंटर को प्राथमिकता के तौर पर शुरू करवाएं जिससे कि किसी अन्य घर का चिराग और नहीं बुझे।
मैना देवी भामू, पार्षद वार्ड 8, नगरपालिका, रींगस

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ये बोले विधायक
रींगस सीएचसी का ट्रॉमा सेंटर भवन चालू करवाना मेरी पहली प्राथमिकता है। जल्द ही पद स्वीकृत करवाकर मशीनों के लिए बजट आवंटित करवाया जाएगा।
सुभाष मील, विधायक खंडेला

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