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RTE: राजस्थान में फिर फंसा नर्सरी में चयनित बच्चों के प्रवेश पर पेंच, निजी ​स्कूलों ने शिक्षा विभाग के सामने रखी ये मांग

RTE Admission: शुरुआती कक्षा नर्सरी में आरटीई के तहत प्रवेश और फीस का भुगतान करने के आदेश के बाद निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के बीच फिर खींचतान बढ़ गई है।

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RTE-Update

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर। पत्रिका फाइल फोटो

जयपुर। शुरुआती कक्षा नर्सरी में आरटीई के तहत प्रवेश और फीस का भुगतान करने के आदेश के बाद निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के बीच फिर खींचतान बढ़ गई है। निजी स्कूलों ने नर्सरी में प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। इसमें कहा कि शिक्षा विभाग पहले हाईकोर्ट के आदेश की पालना करे। इसके तहत नर्सरी कक्षा में आरटीई के बच्चों की फीस दें और पिछली फीस का भुगतान करें। इसके बाद ही नए सत्र में प्रवेश को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

निजी स्कूलों के निर्णय के बाद अब नर्सरी कक्षा में चयनितों के प्रवेश पर संकट खड़ा हो गया है। स्कूल और शिक्षा विभाग के विवाद के बीच हजारों छात्र पिसेंगे। अभिभावक प्रवेश के लिए स्कूलों में चक्कर लगाएंगे। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने करीब तीन लाख बच्चों को लॉटरी निकाल कर चयनित किया है। इसमें करीब दो लाख बच्चे नर्सरी कक्षा में चयनित हुए हैं।

निजी स्कूलों का यह तर्क

शिक्षा विभाग ने 2023-24 में प्री-प्राइमरी कक्षाओं और प्रथम कक्षा में आरटीई के तहत प्रवेश लिए। लेकिन आरटीई का भुगतान सिर्फ प्रथम कक्षा में ही देने का फैसला लिया। इसका निजी स्कूलों ने विरोध किया। सत्र 2024-25 में भी विभाग ने नर्सरी कक्षा का भुगतान नहीं किया। स्कूल हाईकोर्ट गए।

अब हाईकोर्ट ने नर्सरी कक्षा का भुगतान करने के लिए शिक्षा विभाग को आदेश दिए हैं। साथ ही नर्सरी में प्रवेश के लिए स्कूलों को कहा है। स्कूल क्रान्ति संघ की प्रदेशाध्यक्ष हेमलता शर्मा का कहना है कि विभाग भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट करे इसके बाद प्रवेश पर निर्णय लेंगे।

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शिक्षा विभाग आदेश की कराएगा समीक्षा और केन्द्र से लेगा राय

हाईकोर्ट के आदेश की समीक्षा कराई जा रही है। शासन स्तर पर बात करेंगे। इसके बाद केन्द्र से भी राय ली जाएगी। कारण है कि आरटीई का भुगतान केन्द्र से जारी होता है। बच्चों का प्रवेश नहीं अटकाया जाएगा। स्कूलों से बात की जाएगी।
-सीताराम जाट, शिक्षा निदेशक, प्राथमिक शिक्षा

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