
जयपुर। राज्य सूचना आयोग ने सूचना नहीं देने पर नाराजगी जाहिर करते हुए टोंक जिले की मालपुरा नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी पर तीन अलग—अलग मामलों में कुल 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि वेतन से काटी जाएगी। आयोग ने विभागों और संस्थानों से आमजन के उपयोग की सूचनाएं सार्वजनिक करने की अपेक्षा की है, वहीं नगर पालिका प्रशासन को इस मामले में मांगी गई सूचनाएं नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।
सूचना आयुक्त नारायण बारेठ ने मालपुरा के एक स्थानीय नागरिक की अपील पर यह आदेश दिया है। अपील में शिकायत की थी कि आवेदक ने दिसंबर 2018 में तीन अलग अलग आवेदन कर पालिका प्रशासन से उसकी योजनाओं की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा कस्बे के चल अचल शौचालयों का विवरण भी माँगा गया। एक अन्य आवेदन में पालिका बोर्ड के प्रस्तावों की जानकारी मांगी। पालिका प्रशासन ने इन पर कोई जवाब नहीं दिया।
अधिकारी का रवैया खेदजनक—आयोग
आयोग ने पालिका प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिशासी अधिकारी ने आवेदक को न तो कोई जवाब दिया न ही सूचना उपलब्ध कराने में कोई रूचि दिखाई। आयोग में भी अधिकारी को पक्ष रखने के लिए कई अवसर दिए, लेकिन उपेक्षा की गई। इस पर आयोग ने टिप्पणी की है कि सुनवाई के दौरान कहा पालिका प्रशासन का खेदजनक रवैया रहा, इसलिए तीन अलग अलग मामलों में अधिशासी अधिकारी पर 15 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा अधिशासी अधिकारी को आवेदक को संबंधित रिकॉर्ड का अवलोकन कराने और उसे 50 पेज तक की सूचना निशुल्क उपलब्ध कराने को कहा है।
सूचनाएं नोटिस बोर्ड पर चस्पा हो
आयोग ने इस मामले में कहा कि सूचना सार्वजनिक महत्व की है। लिहाजा सूचना नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करे। आयोग ने आदेश की प्रति स्थानीय निकाय निदेशक को भी भेजी है। इससे पहले आयोग ने एक अन्य मामले में उदयपुर जिले में बारापाल ग्राम पंचायत को भी मांगी गई सूचनाएं नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करने का आदेश दिया था।
Published on:
22 Oct 2021 12:41 am
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