
Sachin Pilot
सुनील सिंह सिसोदिया
जयपुर। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि घोषणा पत्र में किए गए हर वादे को सरकार पूरा करेगी। हमारी सरकार भाजपा की सरकार जैसी नहीं है। घोषणा-पत्र को सरकारी डॉक्यूमेंट बनाकर तमाम अधिकारियों को भेज दिया गया है कि इसे कैसे लागू करना है। पायलट ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों, राज्य सरकार के फैसलों को लेकर बेबाकी से अपनी बात कही। 14 जनवरी, 2014 को पायलट को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई थी। उन्होंने 22 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम शुरू किया था। अब पांच साल बाद उन्होंने अपनी उपलब्धियों और रणनीति पर चर्चा की।
विधानसभा चुनाव में दावा किया जा रहा था कि कांग्रेस को भारी बहुमत मिलेगा, लेकिन 100 पर आंकड़ा ठहर गया, क्या कमी रही?
भाजपा की 95 सीटें कम हुईं। हमारी 5 गुना सीटें बढ़ी हैं। स्पष्ट बहुमत है। आखिरी के 10-12 दिन भाजपा के आधा दर्जन सीएम, पूरी केन्द्रीय कैबिनेट, पीएम नरेन्द्र मोदी, अमितशाह ने वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की। सारे संसाधन और पैसे झोंक दिए। फिर भी स्पष्ट बहुमत मिला।
विधानसभा चुनाव व परिणामों के बाद माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री आप बनेंगे, लेकिन उप मुख्यमंत्री बनाया गया। आपको कैसा लग रहा है?
कांग्रेस पार्टी के नेता हों या कार्यकर्ता कोई भी पद के लिए लालायित नहीं है। ना मैं पहले किसी पद के पीछे भागा। ना ही आज भागता हूं। मुझे पार्टी जो जिम्मेदारी देती है, उसे निष्ठा से निभाता हूं। मैं बड़ा गौरवान्वित हूं, सौभाग्यशाली हूं कि पार्टी ने मुझे उप मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का मौका दिया है।
आपके और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच मनमुटाव की कई बार चर्चाएं रहीं, इसमें कितनी सच्चाई है?
यह मीडिया का रिएक्शन है। पहले 5 साल मिलकर पार्टी में काम किया। अब सरकार में काम कर रहे हैं।
विधानसभा में सहयोगी पार्टी के साथ 100 विधायक हैं। तो क्या लोकसभा चुनाव में विधायकों में से किसी को उतारेंगे?
हमारे पास बहुत से ऐसे नेता हैं, जो चुनाव में उतारे जा सकते हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि विधायकों को लोकसभा का चुनाव लड़ाएंगे, लेकिन अंतिम निर्णय आलाकमान करेगा?
आपके पास जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग हैं? तो जनता से जुड़ी कोई विशेष योजना लाने की तैयारी की है?
भाजपा सरकार ने मनरेगा को लगभग समाप्त कर दिया था। हमने 5 जनवरी से काम मांगो अभियान चलाया। उसमें लाखों आवेदन आए हैं। जब नोटबंदी व जब किसानों पर आर्थिक संकट है, तो हम चाहते हैं कि लोगों को अतिरिक्त आय मिलती रहे। 10 हजार ग्राम पंचायत में खेल मैदान, कब्रिस्तान, श्मशान विकास सहित कई जनता से जुड़े काम होंगे। सडक़ निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान होगा, भ्रष्टाचार दूर करेंगे। सडक़ निर्माण पारदर्शी बनेगा। हाइवे के साथ मिसिंग लिंक बनेंगे। गांवों को इनसे जोड़ा जाएगा।
पालिका और पंचायत चुनाव में शिक्षा की बाध्यता की तरह पिछली सरकार के और निर्णय भी यह सरकार पलटेगी?
हम पहले ही कह चुके कि दुर्भावना से काम नहीं करेंगे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार के जो निर्णय जनहित में नहीं थे, उन्हें तो ठीक करना पड़ेगा। हम भी चाहते हैं कि पढ़े-लिखे लोग राजनीति में आएं, लेकिन लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लडऩे का अधिकार है। यदि कोई कम शिक्षित व्यक्ति चुनाव लडकऱ मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बन सकता है तो सरपंची का चुनाव लडऩे के लिए शिक्षा की बाध्यता लगाना गलत थी। सीधा चुनाव भी होना चाहिए। ऐसा नहीं होने से खरीद-फरोख्त को बढ़ावा मिलता है।
आपको प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी सौंपी गई, उस वक्त कांग्रेस 21 सीटों पर सिमटी हुई थी। पार्टी को पुन: सत्ता तक पहुंचाने के लिए किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
हम बुरी तरह चुनाव हार गए थे। चुनौतीपूर्ण समय था। सभी मान रहे थे कि कांग्रेस के लिए अब वापसी करना मुश्किल है। क्योंकि हार का अंतर काफी अधिक था। हमने पहले दिन से ही विपक्ष का आक्रामक रवैया रखा। गांव-गली तक पहुंचे। जनता की आवाज सडक़ पर उठाई। व्यापक दौरे कर कार्यकर्ताओं में जोश जगाया और जनता की आवाज बनकर डटे रहने का प्रण कराया। विधानसभा, लोकसभा और पंचायत, पालिका उप चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेश के सभी नेताओं का पूरा आशीर्वाद मिला और प्रदेश और केन्द्र की मजबूत भाजपा सरकारों से मुकाबला करते हुए सत्ता तक पहुंचे।
लोकसभा चुनाव में मिशन 25 को लेकर आपने कोई विशेष रणनीति बनाई है?
हमारी तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी है। 25 लोकसभा क्षेत्र के 10 हजार कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर फीडबैक ले चुके हैं। पर्यवेक्षक सभी जिलों में जा चुके हैं। बूथ स्तर तक तैयारी चल रही है। शक्ति प्रोजेक्ट के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को लोकसभा वार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समय से पहले उम्मीदवारों के पैनल बनाने की तैयारी कर ली। पिछली बार जब कांग्रेस की राज्य में सरकार थी तब 25 में से 20 सीटें जीते थे। अभी 25 में से 2 उप चुनाव में जीते हैं, 23 पर भी जीतेंगे।
विधानसभा चुनाव में जनघोषणा पत्र लेकर आए। अभी कैबिनेट में रखकर उसे सरकारी दस्तावेज बनाने का दावा किया गया है। सभी वादों को पूरा करने को लेकर ठोस रणनीति बनी है?
हम भाजपा की तरह नहीं। हर एक वादे को पूरा करेंगे। घोषणा-पत्र को सरकारी डॉक्यूमेंट बनाकर तमाम अधिकारियों को पहुंचा दिया गया है कि कैसे इसे लागू करेंगे। अभी किसान ऋण माफी की घोषणा कर चुके हैं। गरीबों को सस्ता गेहूं दिलाने का वादा पूरा कर दिया है। पालिका-पंचायत चुनाव में शिक्षा की बाध्यता को हटाने का निर्णय ले लिया गया है।
एक दिन पहले ही प्रियंका गांधी को महासचिव बनाकर मुख्य धारा में लाया गया है। इस पर क्या कहेंगे?
राहुल गांधी ने सही समय पर सही निर्णय किया है। उन्हें महासचिव बनाने से पार्टी में यूपी ही नहीं, पूरे देश में पार्टी में ऊर्जा का संचार होगा। युवा, महिला, नौजवान दोगुनी ताकत से लोकसभा प्रचार में जुटेंगे। भाजपा आज बौखलाहट में है, जब हम सभी चुनाव में साथ उतरेंगे तो उनके पास कोई जबाव नहीं होगा। प्रियंका गांधी लम्बे समय से नेताओं और कार्यकताओं के संपर्क में थीं।
Updated on:
25 Jan 2019 09:21 am
Published on:
25 Jan 2019 09:17 am
