
मशहूर अभिनेता सलमान खान। फाइल फोटो - ANI
Salman Khan : पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन से जुड़े मामले में अभिनेता सलमान खान व पान मसाला कंपनी के दो निदेशकों को जमानती वारंट तामील कराने के लिए पुलिस की टास्क फोर्स बनाई जाएगी। जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने कहा कि टास्क फोर्स मुम्बई में सलमान खान को जमानती वारंट तामील कराए।
साथ ही चेतावनी दी कि वारंट तामील कराने में बाधा उत्पन्न की और 6 अप्रेल को सलमान खान, कंपनी निदेशक राकेश कुमार चौरसिया व दिनेश कुमार चौरसिया पेश नहीं हुए तो गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष जीएल मीणा और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल व अजय कुमार ने पुलिस महानिदेशक के जरिए जयपुर के पुलिस आयुक्त-उपायुक्त को यह आदेश दिया। आयोग ने योगेन्द्र सिंह के परिवाद पर यह आदेश दिया है।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि सेलिब्रिटी स्टेट्स किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता है। इस मामले में जमानती वारंट तामील नहीं होने से कानून का मखौल उड़ रहा है, वहीं उपभोक्ताओं का आयोगों से विश्वास डगमगा रहा है।
योगेन्द्र सिंह ने परिवाद पेश कर राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन पर पाबंदी लगाने की गुहार की। परिवाद में कहा कि उत्पाद केसर युक्त बताया जा रहा है, जबकि इस कीमत में उत्पाद में केसर नहीं डाला जा सकता।
इससे पूर्व पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के एक मामले में अभिनेता सलमान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य उपभोक्ता आयोग ने केंद्र व राज्य सरकार को भ्रामक विज्ञापनों के मामले केवल केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के स्थान पर राज्य उपभोक्ता आयोगों के दायरे में लाने के लिए कानूनी संशोधन करने की सिफारिश की है।
आयोग ने विज्ञापन के एक मामले में अभिनेता सलमान खान व पान मसाला कंपनी को राहत देने से इनकार कर दिया। आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र कच्छावाहा, न्यायिक सदस्य अरुण कुमार अग्रवाल व सदस्य लियाकत अली की पीठ ने सलमान खान व राजश्री पान मसाला कंपनी की निगरानी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
याचिका में आदेशों को दी चुनौती
इन याचिकाओं में जिला उपभोक्ता आयोग जयपुर-द्वितीय के उन आदेशों को चुनौती दी गई, जिनमें सलमान खान को पान मसाला कंपनी का कथित भ्रामक विज्ञापन करने से रोका गया था और प्रार्थना पत्र में सलमान खान के हस्ताक्षर के बारे में मौका कमिश्नर राजेश कुमार मीना से रिपोर्ट मांगने को कहा गया था।
सलमान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश व पान मसाला कंपनी की ओर से अधिवक्ता वरूण सिंह ने जिला आयोग के आदेशों को खारिज करने का आग्रह करते हुए कहा कि भ्रामक विज्ञापन के मामले में सीसीपीए या उसके प्राधिकृत अधिकारी की ओर से ही परिवाद पेश किया जा सकता है।
Published on:
26 Mar 2026 07:44 am
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