
जयपुर। एक ओर तो सरकार स्कूली बच्चों को विज्ञान और तकनीक का ज्ञान कराने के लिए नई—नई योजनाएं बना रही है, दूसरी ओर सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल ही सरकार की योजनाओं को ठेंगा दिखा रहे हैं। हालात ये हैं राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले के 49 स्कूलों की विज्ञान प्रयोगशालाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की योजना बनाई थी, लेकिन वह फेल होती दिख रही है। अभी तक संस्था प्रधानों ने राशि जारी होने के बाद भी स्कूलों की विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण नहीं खरीदे हैं। राजस्थाम माध्यमिक शिक्षा परिषद ने भी इसे गंभीरता से लिया है। परिषद के आला अधिकारियों का मानना है कि विज्ञान प्रयोगशाला के उपकरण नहीं खरीदने से प्रयोगशालाएं सुचारू रूप से काम नहीं कर रही हैं, जिससे करीब एक हजार विद्यार्थी इस योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
18 जुलाई तक खरीद जरूरी
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विज्ञान उपकरणों की खरीद नहीं करने वाले संस्था प्रधानों को नोटिस दिया है। साथ ही ऐसे संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि 18 जुलाई तक विज्ञान के उपकरणों की खरीद कर प्रयोगशाला को सुचारू रूप से शुरू करें। इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र भी परिषद के जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय भेजना होगा। ऐसा नहीं करने पर संस्था प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संस्था प्रधानों की रही लापरवाही
संस्था प्रधानों की लापरवाही से जिले की 49 में से 25 सरकारी स्कूलों ने अभी तक विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण नहीं खरीदे हैं। जबकि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद इन स्कूलों को पूर्व में ही उपकरण खरीदने के लिए राशि जारी कर चुका है। प्रत्येक स्कूल को एक लाख रुपए के विज्ञान उपकरण प्रयोगशालाओं के लिए खरीदने हैं।
कमेटी बनाकर करनी है खरीद
विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए उपकरणों की खरीद स्कूल में प्रिंसिपल स्तर पर कमेटी बनाकर ही करनी है। इसमें एक विज्ञान का शिक्षक भी होना जरूरी है।
करेंगे कार्रवाई
जिले में करीब 25 स्कूल ऐसे हैं, जिनके संस्था प्रधानों ने अभी तक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए उपकरण नहीं खरीदे हैं। अब इनके खिलाफ परिषद कार्रवाई करेगा।
बहादुर सिंह फौजदार, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान
Published on:
12 Jul 2018 11:43 am
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