
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सहित प्रदेश की अन्य गैंग वारदात के लिए नाबालिगों को शामिल कर रही हैं, ताकि वारदात के बाद पकड़े जाने पर नाबालिग होने का फायदा मिल सके। गैंगस्टर्स नाबालिगों के अलावा पहली बार जेल में जाने वाले युवाओं को टारगेट करते हैं। दोनों को ही आलीशान जिंदगी जीने के सपने दिखाए जाते हैं। जेल में जाने वाले युवाओं को उनके खिलाफ चल रहे मामले में मदद का आश्वासन दिया जाता है। प्रदेश में 007 व 3200 गैंग सहित अन्य गैंग में नाबालिगों के शामिल होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि गैंगस्टर्स नाबालिगों का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें उनके ही हाल पर छोड़ देते हैं।
बीकानेर व जयपुर में करवाई फायरिंग
लॉरेंस गैंग ने बीकानेर व जयपुर में व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के लिए नाबालिगों से फायरिंग करवाई थी। जयपुर के जी क्लब पर फायरिंग के मामले में पकड़े गए नाबालिग ने कुछ माह बाद ही किशोर गृह में गार्ड को धमकाकर उसका मोबाइल उपयोग में लिया। उसने गैंगस्टर्स के कहने पर बीकानेर के एक अन्य रसूखदार को धमकाने के लिए फोन भी किया था।
गैंगस्टर्स इस्तेमाल कर छोड़ देते
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि कई गैंगस्टर्स नाबालिगों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। जब तक पुलिस पकड़ में नहीं आते, तब तक नाबालिग व युवाओं से वारदात करवाकर उनका इस्तेमाल करते हैं। नाबालिगों की गिरफ्तारी के बाद गैंगस्टर्स उनकी मदद करना तो दूर... संपर्क तक नहीं करते।
सोशल मीडिया पर ढीली पड़ी कार्रवाई
पुलिस ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टर्स को फॉलो करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। पड़ताल में सामने आया कि सैकड़ों युवा गैंगस्टर्स को फॉलो कर रहे हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई ढीली पड़ गई है।
Published on:
18 Dec 2023 12:05 pm
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