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9 को मनाई जाएगी शब-ए-बारात, ‘किस्मत का होगा फैसला’, Corona के चलते घरों में होगी इबादत

प्रदेश में कहीं भी बुधवार को शाबान का चांद नहीं देखा गया। इसलिए इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार शाबान की पहली तारीख 27 मार्च यानी शुक्रवार को और शब-ए-बारात ( Shab E Barat 2020 ) 9 अप्रैल को होगी।

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जयपुर

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Abdul Bari

Mar 26, 2020

Shab E Barat 2020 Date : Shab E Barat Night : Shab E Barat Celebrate

Shab E Barat 2020 Date : Shab E Barat Night : Shab E Barat Celebrate

जयपुर
प्रदेश में कहीं भी बुधवार को शाबान का चांद नहीं देखा गया। इसलिए इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार शाबान की पहली तारीख 27 मार्च यानी शुक्रवार को और शब-ए-बारात ( Shab E Barat 2020 ) 9 अप्रैल को होगी। सेंट्रल हिलाल कमेटी के कंवीनर चीफ काजी खालिद उस्मानी ने गुरुवार को ऐलान किया है कि शब-ए-बारात (14 शाबान 1441) 9 अप्रेल 2020 को होगी। उन्होंने कहा कि गुरुवार को 29 रजब उल मुराज्जिब का शाबान का चांद नहीं हुआ।


'फरिश्ते जमीन पर फैल जाते हैं'

चीफ काजी के मुताबिक, शब-ए-बरात गुनाहों से निजात की रात है, सच्चे दिल से तौबा करने वालों को उसका रब माफ कर देता है। इस रात में फरिश्ते जमीन पर फैल जाते हैं और ऐलान होता है की मांग लो अपने रब से जो बड़ा रहम करने वाला और गुनाहों को बख्शने वाला है।

अल्लाह अपने फरिश्तों को पूरे साल की जिम्मेदारी सौंप देता है

गौरतलब है कि शब-ए-बरात के मौके पर ( Celebrate Shab E Barat ) मस्जिदों और मुस्लिम बहुल इलाकों में खास चहल-पहल रहती है। इस्लाम में इस रात की बड़ी फजीलत बतलाई गई है। इसी रात अल्लाह अपने फरिश्तों को पूरे साल की जिम्मेदारी सौंप देता है। यानी किसकी मौत होनी है। किस की पैदाइश, किसकी शादी होनी है, किसको मिलेगा रोजगार सारा लेखा-जोखा फरिश्तों को सौंप दिया जाता है और अल्लाह पहले आसमान पर आ जाते है। इस रात इबादत का खास एहतिमाम किया जाता है, गरीबों में इमदाद बांटी जाती है। इस दौरान घरों में औरतें एहतमाम के साथ कुरान शरीफ की तिलावत करती हैं और नमाज अदा की जाती हैं। इसके अलावा इस दुनिया से विदा हो चुके पूर्वजों की कब्रों पर जाकर उनके हक में दुआ की जाती है।


इंसान हर गुनाह से बरी हो सकता है

इस्लाम के जानकार बताते हैं कि शब—ए—बारात दो शब्दों से मिलकर बनी है, जिसमें शब का मतलब रात और बारात का मतलब बरी हैं, यानी शब—ए—बारात की पाक रात को इबादत करके इंसान हर गुनाह से बरी हो सकता है। यह इबादत की रात होती है। हालांकि कोरोना वायरस ( Coronavirus In Rajasthan ) के चलते मुस्लिम धर्मलंबियों ने शब—ए—बारात में घरों में रहकर ही इबादत करने का हुक्म दिया है।

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