
मूर्तियां बनाने में जुटे कारीगर (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: प्रदेश भर में धार्मिक आस्था और श्रद्धा का बड़ा पर्व नवरात्र इस बार 22 सितंबर से शुरू हो रहा है। नवरात्र के आगमन से पहले ही राजस्थान के विभिन्न जिलों में दुर्गा माता की भव्य मूर्तियां बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कारीगर दिन-रात जुटकर मां दुर्गा की विविध स्वरूपों वाली प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं।
बता दें कि जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और कोटा सहित कई जिलों में कारीगरों की बस्तियों में इन दिनों खास रौनक देखने को मिल रही है। कहीं मिट्टी और प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां बनाई जा रही हैं, तो कहीं बड़े आकार की फाइबर मूर्तियां तैयार हो रही हैं।
कारीगरों के अनुसार इस बार मूर्तियों में पारंपरिक कला के साथ आधुनिक रंग-रूप का मेल देखने को मिलेगा। मूर्तियों को सजाने के लिए विशेष रंग, गहने और आकर्षक पोशाकों का उपयोग किया जा रहा है।
कारीगर बताते हैं कि नवरात्र करीब आते ही मूर्तियों की मांग बढ़ गई है। जयपुर के एक कारीगर ने बताया कि इस बार खासकर 5 से 12 फीट तक की मूर्तियों की अधिक डिमांड है। मूर्तियों की कीमत आकार और सजावट के आधार पर 5 हजार रुपए से लेकर लाखों रुपए तक पहुंच रही है।
नवरात्र के दौरान राजस्थान के मंदिरों और पंडालों में दुर्गा माता की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और नौ दिनों तक श्रद्धालु माता की पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान विशेष धार्मिक आयोजन, भजन संध्या और गरबा-डांडिया कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
कारीगरों का कहना है कि भले ही प्रतिमाएं बनाने का काम मेहनत और धैर्य मांगता है, लेकिन जब लोग माता की आराधना करते हैं और उनकी प्रतिमाओं की भव्यता की सराहना करते हैं, तो सारी थकान दूर हो जाती है। नवरात्र के शुभारंभ से पहले ही बाजारों और गलियों में भक्ति और उत्साह का माहौल दिखाई देने लगा है।
Updated on:
9 Sep 2025, 3:02 PM IST
Published on:
9 Sep 2025, 3:02 PM IST
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