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कब्र बन गया नया बक्सा… खेलते खेलते बक्से में बंद हो गए बहन भाई, एक एक सांस के लिए तड़पते रहे… दम घुटने से दोनो की मौत…

तुरंत अस्पताल ले गए लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। हैरान करने वाली यह घटना राजस्थान के बाड़मेर जिले में गडरारोड थाना क्षेत्र के पलेवा गांव की है।

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Ravindra or Monika

जयपुर
11 साल का रविन्द्र और आठ साल की उसकी छोटी बहन मोनिका....। कल दोपहर दो बजे के बाद घर लौटे थे स्कूल से। माता पिता खेत पर गए थे...। बच्चों ने स्कूल का बैग रखा और खेलने लगे। खेलते खेलते लोहे के बक्से में बैठ गए और पता चला कि बक्सा बंद हो गया। बंद होकर वह लॉक हो गया। शाम छह बजे माता पिता घर लौटे तो और बच्चों को संभाला तो वे नहीं मिले। बाद में जब बक्सा खोला तो दोनो के अकड़े हुए शरीर उसमें से बरामद हुए। तुरंत अस्पताल ले गए लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। हैरान करने वाली यह घटना राजस्थान के बाड़मेर जिले में गडरारोड थाना क्षेत्र के पलेवा गांव की है।


पुलिस ने बताया कि चौखाराम मेघवाल के तीन बच्चे हैं। दो बेटे और एक बेटी। एक बेटा कल स्कूल नहीं गया था तो वह माता पिता के साथ खेत में काम करने चला गया था। वह भी शाम को ही घर लौटा था। चौखाराम ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले बकरियां बेची थी और उसके बाद नया बक्सा लाया गया था।

बक्सा तीन दिन पहले ही खरीदा गया था। इसमें अनाज एवं अन्य सामान रखे जाने थे। क्या पता था कि यह बक्सा मेरे ही बच्चों को निगल जाएगा......। पुलिस ने शवों को मुर्दाघर में रखवाया है। इस घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। चौखाराम के घर में कोहराम मचा हुआ है। बच्चों की मौत को हादसा मानते हुए ही इस मामले की जांच की जा रही है।