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Subhash Maharia : भाजपा ज्वाइन करने से पहले फोड़ डाला ‘लेटर बम’, अध्यक्ष खड़गे के सामने खोल डाली कांग्रेस की पोल!

Subhash Maharia : भाजपा ज्वाइन करने से पहले सुभाष महरिया का 'लेटर बम', अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने खोल डाली कांग्रेस की पोल!

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Subhash Maharia Resignation Letter to Congress President Kharge

जयपुर।

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया ने 'लेटर बम' फोड़ डाला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे इस्तीफे में उन्होंने प्रदेश में पार्टी की कार्यशैली और स्थिति की पोल खोल डाली।

'जमीनी स्तर पर की जी-तोड़ मेहनत'
खड़गे को लिखे पत्र में महरिया ने कांग्रेस के साथ अपनी शुरुआत और भूमिका का ज़िक्र करते हुए शुरुआत की। उन्होंने लिखा, 'मेरे द्वारा कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के पश्चात असंख्य कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर जी तोड़ मेहनत की गई, जिसके परिणाम स्वरूप सीकर लोकसभा क्षेत्र में स्थित सभी 8 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी को सफलता प्राप्त हुई और प्रदेश में कांग्रेस नीत सरकार का गठन हुआ।

'वादे पूरे होने का विश्वास दिलाया'

महरिया ने लिखा, 'हमारे द्वारा किसान व नौजवानों को गांव-गांव ढाणी-ढाणी जाकर विश्वास दिलाने का प्रयास किया गया कि कांग्रेस नीत सरकार का गठन होने पर कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषणा पत्र में किए गए शत-प्रतिशत वादे पूरे किए जाएंगे।

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'सभी 25 सीटें हारीं, पर समीक्षा नहीं'
खड़गे को लिखे पत्र में महरिया ने आगे लिखा, 'वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 25 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। परंतु कांग्रेस पार्टी द्वारा एक भी समीक्षा बैठक आज तक नहीं हुई।

'घोषणा पत्र के वादों को भुला चुकी है सरकार'

महरिया ने आगे लिखा, 'वर्तमान में सत्तासीन कांग्रेस नीत सरकार घोषणा पत्र के वादों को पूर्ण रूप से भुला चुकी है तथा प्रदेश का कर्ज माफी और बेरोजगारी के वादों पर भरोसा करके वोट देने वाला किसान और युवा स्वयं को ठगा हुआ सा महसूस कर रहा है।

'कार्यकर्ताओं की हुई घोर उपेक्षा'

महरिया ने इस्तीफा चिट्ठी के आखिर में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का भी ज़िक्र किया। उन्होंने लिखा, 'सीकर जिले में कांग्रेस पार्टी के जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की घोर उपेक्षा की गई है। अतः इस परिस्थिति में कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहकर कार्य करना मेरे लिए संभव नहीं है। मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे रहा हूं।'

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'कांग्रेस में जाकर बुरे फंसे'

इधर कांग्रेस छोड़ने के बाद सुभाष महरिया ने जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में भाजपा का दामन थाम लिया। यहां दिए संबोधन में भी महरिया ने कांग्रेस पार्टी में उपेक्षा की बात कही। उन्होंने कहा, 'साढ़े 4 साल में कांग्रेस के घोषणा पत्रों पर कोई काम नहीं हुआ। भ्रष्टाचार 30 से 40 फीसदी पहुंच गया, कार्रवाई नहीं हुई। ऐसा लगा जैसे कांग्रेस में जाकर बुरे फंस गए हैं।'

'बंद कमरे में पॉलिटिक्स का गया ज़माना'

महरिया ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी में किसान हितों की बात से लेकर रीट पेपर लीक होने के बात कई बार रखी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहां रीति नीति की बात करते है, कार्यकर्ताओ की बात नहीं सुनते। बंद कमरे की पॉलिटिक्स का जमाना जा चुका है, खुले कमरे में बात का जमाना है।

'शेखावाटी में देंगे ऐतिहासिक परिणाम'

उन्होंने कहा, '1993 से भाजपा का कार्यकर्ता हूँ, रग रग में भाजपा है।आने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव व 2024 के लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक परिणाम देंगे। शेखावाटी का वोटिंग प्रतिशत बढ़ाएंगे। 74 विधानसभा क्षेत्र में मेहनत करेंगे तो 20 फीसदी वोटों का इजाफा करेंगे। भाजपा एक करोड़ वोटो से आगे रहे तो हमारा काम करने का मतलब है। 30 लोगों के ऊपर 2 लोगों की हमारी टीम होगी, जो सफलता दिलाने का काम करेगी।