
जयपुर।
राजस्थान में सूर्यदेव प्रचंड तेवर दिखा रहे हैं। कई ज़िलों में तो पारा 50 डिग्री तक के पास पहुंच गया है। ऐसे में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। नौबत यहां तक पहुंच गई है कि इस चिलचिलाती धूप की गर्माहट से घरों-दफ्तरों के कूलर-एसी तक फेल हो गए हैं।
घरों में दुबके लोग
भीषण गर्मी के तेवरों का ही असर है कि लोग दिन में घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। बहुत ज़रूरी होने पर ही वे घरों से निकल रहे हैं। वैशाली नगर की रहने वाली प्रीति बतातीं हैं कि इन दिनों ज़बरदस्त पड़ रही गर्मी की वजह से पूरे घर की दिनचर्या में बदलाव आ गया है। कूलर या एसी को लगातार चलाए रखना पड़ता है। इनके बावजूद भी इनकी ठंडक बेसर रहती है। ऐसे में दिनभर घरों में ही कैद रहना ज़्यादा समझदारी लगती है।
फील्ड कर्मियों की बढ़ी परेशानी
गर्मी के तीखे तेवरों की सबसे ज़्यादा मार जिस वर्ग पर देखने को मिल रही है वो है फील्ड स्टाफ। सरकारी हो या निजी, हर क्षेत्र के फील्ड कर्मियों को भीषण गर्मी के दिनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव पंकज कुमार का कहना है कि हमारी ड्यूटी का नब्बे फ़ीसदी काम फील्ड का रहता है। ऐसे में दोपहर की गर्मी परेशान करने वाली है। हर तरह के बचाव के साधान अपनाकर फील्ड वर्क करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य में इसका प्रतिकूल असर पड़ने का भी खतरा मंडराता रहता है। लू लगने की संभावनाएं लगातार बनी रहती हैं।
रसोई में खाना बनाना हुआ दिक्कतों भरा
गृहणियों के लिए भी गर्मी परेशानी का सबब बन रही है। तेज़ गर्मी की वजह से गृहणियों ने भी अपने कामकाज के समय और तरीकों में बदलाव किया है। श्याम नगर की रहने वाली प्रतिमा शर्मा बतातीं हैं कि हमारा सबसे ज़्यादा समय रसोईघर में गुज़रता है। बढ़ते तापमान से खाना बनाने के दौरान अतिरिक्त गर्माहट से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गर्मी की छुट्टियां, पर पसीने-पसीने हो रहे स्टूडेंट्स
भीषण गर्मी ने छोटे-बड़े स्कूली बच्चों को भी अपनी चपेट में लिया हुआ है। भले ही बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां चल रहीं हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें पसीने से तरबतर होना पड़ रहा है। शहर के किशनपोल बाज़ार में रहने वाले नवीं कक्षा के राहुल कहते हैं कि सोचा था कि इन दिनों में खूब मौज-मस्ती करेंगें, लेकिन 40 डिग्री के पार पहुंच रहे मौसम ने सभी प्लानिंग चौपट करके रख दी है। वहीं, समर क्लासेस में जाने वाले बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गर्मी की तपन सुबह 10 बजे बाद से ही होना शुरू हो जाती है। ऐसे में बच्चे पूरी तैयारी के साथ ही इन समर क्लासेस के लिए निकलते हैं।
Updated on:
04 Jun 2018 02:58 pm
Published on:
04 Jun 2018 02:30 pm
