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बेहद रोचक है खोले के हनुमान जी मंदिर की कहानी, जानिए किसने की थी खोज

राजधानी जयपुर में हनुमान जी के वैसे तो कई मंदिर हैं। लेकिन खोले के हनुमान जी का मंदिर का खास महत्व है।
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जयपुर

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Jyoti Kumar

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Updated: 30 May 2023, 12:07 PM IST

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जयपुर। राजधानी जयपुर में हनुमान जी के वैसे तो कई मंदिर हैं। लेकिन खोले के हनुमान जी का मंदिर का खास महत्व है। यहां श्रद्धालुओं के अलावा देश-विदेश से पर्यटक भी आते हैं। मंदिर के चारों तरफ की प्राकृतिक सुंदरता सभी का मन मोह लेती है। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते है। एक ब्राह्मण ने 60 के दशक में शहर की पूर्वी पहाडियों की खोह में बहते बरसाती नाले और पहाडों के बीच निर्जन स्थान पर लेटे हुए हनुमानजी की विशाल मूर्ति खोज की थी। जहां लोग जंगली जानवरों के डर से यहां जाना नहीं चाहते थे। तब एक साहसी ब्राह्मण ने इस निर्जन स्थान की खोज की थी।

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जंगल के बीच पहाड़ी पर भगवान को देखकर ब्राह्मण ने मारूती नंदन श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना शुरू कर दी। वे जब तक जीवित रहे भगवान की शरण में ही रहे। यहीं उन्होंने ने अपना बसेरा बना लिया था। खोले के हनुमानजी के इस परमभक्त ब्राह्मण का नाम था पंडित राधेलाल चौबे। चौबे जी के जीवनभर की अथक मेहनत का ही नतीजा है कि यह निर्जन स्थान आज सुरम्य दर्शनीय स्थल बन चुका है। 1961 में पंडित राधेलाल चौबे ने मंदिर के विकास के लिए नरवर आश्रम सेवा समिति की भी स्थापना की थी। बता दें कि जब यह स्थान निर्जन था तब पहाड़ों की खोह से यहां बरसात का पानी खोले के रूप बहता था। इसीलिए मंदिर का नाम खोले के हनुमानजी पड़ा।



क्यों है खास

खोले के हनुमानजी का मंदिर रामगढ़ मोड के पास दिल्ली हाईवे पर राष्ट्रीय राजमार्ग सं-8 से लगभग 2 किमी अंदर है। मंदिर का भव्य मुख्यद्वार राजमार्ग पर ही बना हुआ है। यह प्राचीन दुर्ग शैली में बनी नवीन इमारत है। हनुमान जी के इस तीन मंजिला मंदिर की भव्य इमारत देखते ही बनती है। मंदिर के सामने बड़ा खुला चौक है। दरवाजे के ठीक दायीं ओर पंडित राधेलाल चौबे की संगमरमर की सुंदर समाधि बनी है। खोले के हनुमान जी मंदिर में वैसे तो हमेशा ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है। मनोकामनाएं पूर्ण होने पर लोग हनुमान जी के दरबार में गोठ का आयोजन करते हैं। अन्नकूट के अवसर पर यहां लक्खी मेला लगता है।

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और क्या है यहां देखने के लिए
इस भव्य मंदिर में भगवान हनुमान जी के अलावा ठाकुरजी, गणेशजी, ऋषि वाल्मीकि, गायत्री मां, श्रीराम दरबार के अलग अलग और भव्य मंदिर है। यहां श्रीराम दरबार में भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की मूर्तियां हैं। इस मंदिर में चारों ओर दीवारों और शीशे पर की गई पेंटिंग देखने में आकर्षक है। खोले के हनुमान जी मंदिर में प्रात: 5 बजे से लेकर रात्री 9 बजे तक दर्शन कर सकते है। भगवान की पहली आरती में सुबह 5:30 बजे और दूसरी आरती रात को 8:00 बजे होती है।

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