1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रधानाचार्यों के तबादलों में हुआ भारी भ्रष्टाचार, निकाय-पंचायत चुनावों में दिखाएंगे औकात: डोटासरा

राज्य सरकार की ओर से हाल ही साढ़े चार हजार प्रधानाचार्यों के किए गए तबादलों को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारी भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए हैं।

2 min read
Google source verification

गोविंद सिंह डोटासरा: फोटो- एक्स हैंडल

जयपुर। राज्य सरकार की ओर से हाल ही साढ़े चार हजार प्रधानाचार्यों के किए गए तबादलों को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारी भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तबादला सूची मंत्री, सीएमओ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोगों तक घूमी। इस दौरान आरएसएस और अधिकारियों ने जमकर भ्रष्टाचार किया।

डोटासरा बुधवार को अपने जन्मदिन के मौके पर कांग्रेस वॉररूम पर आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए पार्टी के लोगों से वोट चोर-गद्दी छोड़ को लेकर चल रहे हस्ताक्षर अभियान के तहत करीब 8 हजार फार्म भरवाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता स्वयं भ्रष्टाचार करते हैं और आरोप दूसरों पर लगाते हैं। अब आने वाले निकाय और पंचायत चुनाव में भाजपा को उसकी औकात बताएंगे। कहा कि ये चुनाव तो टाल सकते हैं, लेकिन जिस दिन भी चुनाव होंगे, उस दिन मुंह की खानी पड़ेगी। आज जनता ही नहीं भाजपा कार्यकर्ता भी इस सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में आरएसएस के शस्त्र पूजन कार्यक्रम पर भी सवाल खड़े किए।

800 से साढ़े चार हजार पर पहुंच गई सूची

उन्होंने तबादलों को लेकर कहा कि पर्ची तो आरएसएस कार्यालय में भी कटती है। प्रधानाचार्यों के तबादलों को लेकर पहले सूची 800 की बनी थी। उसके बाद यह सूची मुख्यमंत्री कार्यालय आई और 1100 की बन गई, फिर यहां से सूची आरएसएस के कार्यालय गई तो डबल होकर वापस मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची। वहां फिर नाम बढ़े और सूची साढ़े तीन हजार की हो गई।

फिर यह सूची अधिकारियों और दलालों के हाथ में आई और साढ़े चार हजार की हो गई। उन्होंने कहा कि वे दावे से कह सकते हैं कि सूची में भ्रष्टाचार हुआ है। डोटासरा ने कहा कि जनवरी में सरकार ने भाजपा विधायकों से तबादलों के लिए नाम मांगे थे, तभी से पर्ची कटनी शुरू हो गई थी।