
जयपुर। राजस्थान बजट सत्र का आज आखिरी दिन हो सकता है। विधानसभा में आज कोचिंग सेंटरों पर नियंत्रण, विकास प्राधिकरणों में एक समान सेवा कैडर बनाने एवं बेकार हो चुके कानूनों से जुड़े तीन विधेयकों पर चर्चा होगी। कोचिंग सेंटरों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने विधेयक में कई कड़े प्रावधान किए हैं।
एक विधेयक विकास प्राधिकरणों में एक समान सेवा कैडर बनाने से जुड़ा है। विधि निदेशक के लिए पहले जिला न्यायाधीश स्तर का अधिकारी भी लगाने का प्रावधान था। इस विधेयक में यह प्रावधान हटाया जाएगा। इस विधेयक के पास हो जाने के बाद विधि निदेशक के पद पर विधि सेवा के अधिकारी ही लगाए जा सकेंगे।
इसके अलावा इंजीनियरिंग एवं अन्य सेवा के अधिकारी जो विकास प्राधिकरण में लगाए जाते हैं। उनके लिए प्राधिकरण के खुद के नियम बनाए जाएंगे। अभी तक इंजीनियरिंग सर्विसेज के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के सेवा नियमों को ग्रहण किया हुआ था। इन पदों के लिए विकास प्राधिकरणों का अलग कैडर बनेगा। सदन में एक अन्य राजस्थान निरसन विधेयक भी चर्चा के लिए रखा जाएगा, जिसके तहत बेकार हो चुके करीब 45 कानूनों को वापस लिया जाएगा।
विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति ने 24 मार्च के बाद विधायी कार्य तय नहीं किया है। सोमवार को कार्य सलाहकार समिति की बैठक भी अभी तक तय नहीं हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि वर्तमान बजट सत्र का सोमवार को आखिरी दिन हो सकता है। बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हुआ था और सोमवार तक सदन की कुल 25 बैठकें हो जाएंगी।
Published on:
24 Mar 2025 07:50 am
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