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राजस्थान में खून जमा देने वाली सर्दी, अगले 24 घंटे में फिर से अंधड़ चलने व मावठ होने के आसार

उत्तरी पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में पारा दो से पांच डिग्री तक लुढक़ गया...
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जयपुर

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Dinesh Saini

Jan 25, 2019

Hail Storm

जयपुर।

बीती शाम प्रदेश के उत्तर पूर्वी इलाकों में बने निम्न वायुदाब क्षेत्र से कई इलाकों में तेज अंधड़ के बाद हुई बारिश और ओलावृष्टि ने सर्दी के तेवर और तीखे कर दिए। चक्रवाती तंत्र का असर दौसा, टोंक, झुंझुनू, नागौर और सीकर जिलों में भी रहा। मौसम में बदलाव से प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में खून जमा देने वाली ठंड ने प्रदेशवासियों की धूजणी छुड़ा दी है। बारिश के बाद चली बर्फीली हवा से दिन के साथ ही रात के तापमान में करीब दो से पांच डिग्री गिरावट दर्ज हुई है। राजधानी जयपुर में बीती रात खून जमा देने वाली सर्दी का अहसास शहर के बाशिंदों को हुआ वहीं देरशाम सर्दी के कारण शहर की सडक़ों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई। आज शहर का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। सुबह शहर में आसमान साफ रहा लेकिन हवा की गति थमी रहने पर भी सर्दी के तेवर तीखे बने हुए है।

अगले 24 घंटे अंधड़ चलने व मावठ होने के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी जिलों में फिलहाल अगले 24 घंटे अंधड़ चलने व मावठ होने के आसार हैं। स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा वहीं पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में बादल छाए रहने व मावठ होने के आसार है।

बीते चौबीस घंटे में उत्तरी पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में पारा दो से पांच डिग्री तक लुढक़ गया। अजमेर में सर्वाधिक 9.1 मिमी बारिश मापी गई वहीं राजधानी जयपुर में 2.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। सीकर के फतेहपुर कस्बे में बीती रात पारा 6 डिग्री गिरकर 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा है। सीकर 5.5 व पिलानी में रात में पारा 4.3 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 3.2, चूरू 4.4, और श्रीगंगानगर में पारा 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

फसलों को नुकसान
बीती शाम प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में हुई भारी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। कई इलाकों में बेर के आकार के ओले गिरने पर सरसों, गेहुं, जौ और चने की फसलें तबाह होने पर किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है।