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शहर का दिल बेजान फिर भी जिम्मेदार बेपरवाह

कभी कट बन्द किये तो कभी मेट्रो ने कुंद की वाहनों की स्पीड
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Jaipur News

जयपुर . गुलाबी नगरी का दिल कहे जाने वाला परकोटा बेजान सा लगता है। सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक यहां की स्थिति बेहद खराब रहती है। पहले यातायात पुलिस की अव्यवस्था और ऊ पर से मेट्रो ट्रेन के निर्माण कार्य ने परकोटा में लोगों को परेशान कर रखा है। रही सही कसर ई-रिक्शा चालक पूरी कर रहे हैं। इनको अब तक सरकारी मशीनरी व्यवस्थित नहीं कर पाई है। परकोटा में शहर ही नहीं, बल्कि आस-पास के इलाकों से यहां रोज हजारों लोग पहुंचते हैं। लेकिन जब बात खरीदारी से लेकर गाड़ी खड़ी करने की आती है तो लोगों को परेशान होते हुए देखा जा सकता है। सीमित पार्किंग और हजारों वाहन आने से दिन भर शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम लगा रहता है। यदि इस व्यवस्था को जिम्मेदारों ने नहीं संभाला तो आने वाले दिनों में यह और खतरनाक रूप ले लेगी। पार्किंग स्थल हमेशा रहते फुल परकोटा में आधा दर्जन से अधिक पार्किंग स्थल हैं। इनमें से सभी हमेशा वाहनों से भरे रहते हैं। जौहरी बाजार, चौड़ा रास्ता और किशनपोल बाजार में वाहन चालक गाड़ी खड़ी करने के लिए बारी का इंतजार करते हैं। कई बार तो ठेकेदार वाहनों को सड़क पर ही खड़ा करवा देते हैं। इन पार्किंग स्थलों में हजारों वाहनों की आवाजाही होती है।

ये हो सकते हैं विकल्प

-रामलीला मैदान में पार्किंग को बेहतर तरीके से संचालित किया जाए

- स्थाई रूप से खड़ी होने वाली गाडिय़ों को रामनिवास बाग की पार्किंग में जगह मिले। -जब हवामहल रोड पर जाम लगे तो सुभाष चौक से कम वाहनों को भेजा जाए

सुगम यातायात देखे बर्षों हो गए

परकोटा में सबसे बुरा हाल बड़ी चौपड़ पर रहता है। एक ओर जौहरी बाजार है तो दूसरी ओर हवामहल रोड। दोनों की मार्गों पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। त्रिपोलिया बाजार और रामगंज बाजार में भी वाहनों की अच्छी खासी आवाजाही रहती है। मेट्रो के निर्माण कार्य से यहां दिन भर जाम लगा रहता है। यदि यातायात पुलिस हवामहल रोड के कोने से बसों को थोड़ा सा आगे रोकने लगे तो काफी हद तक स्थिति में सुधार हो सकता है।

मिडी बसों ने राहत दी, लेकिन लो फ्लोर नहीं हटी

छोटी चौपड़ तक जा रहे वाहन चालक

किशनपोल बाजार में स्मार्ट सिटी के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में अजमेरी गेट में घुसते ही परेशानी का दौर शुरू हो जाता है। जो वाहन चालक नेहरू बाजार आना चाहता है, वो छोटी चौपड़ तक जाता है। एक कट को छोड़कर बाकी को बंद कर दिया गया गया है। वहीं बैरीकेट्स लगाए जाने से निकलने के लिए रास्ता कम बचा है।

फैक्ट फाइल

- 20 मिडी बसों का बीते माह परकोटे में संचालन शुरू

-2014 से शुरू हुआ था परकोटे में मेट्रो का निर्माण कार्य

- 40 लो फ्लोर चल रही हैं शहर में विभिन्न रूटों पर

- 02 मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य से छोटी-बड़ी चौपड़ पर है परेशानी