
सवाईमाधोपुर। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद प्रदेश में बेटियों को बचाने के प्रयास नाकाफी दिख रहे हैं, आए दिन नवजात बालिकाओं को छोड़े जाने की घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं। मासूम बच्चियों के साथ ऐसा करते उनके परिजनों को जरा भी दया नहीं आती। ऐसा ही एक मामला शनिवार को सवाईमाधोपुर में सामने आया है, जहां एक मां अपनी 20 दिन की जुड़वां बच्चियों को रात के अंधेरे में खण्डार बस स्टेण्ड पर खड़े एक ठेले पर छोड़ गई।
रात करीब 3 बजे बच्चियों के रोने की आवाज सुन कर गश्त कर रहे पुलिस जवान राजपाल ने कोतवाली थाने पर इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चियों को अपने संरक्षण में लेने के साथ ही आस-पास उनके परिजनों की तलाश की, लेकिन किसी का कोई अता-पता नहीं चला। पुलिस कर्मियों ने जुड़वां बच्चियों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उनका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने बच्चियों के परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस बीच जिले के सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों के पिछले माह के रिकॉर्ड भी पुलिस खंगाल रही है। बच्चियों का इलाज कर रहे डॉ सुनील शर्मा का कहना है कि इनकी उम्र 20 से 25 दिन लग रही है। दोनों बच्चियों को छोडऩे से पूर्व दूघ भी पिलाया गया है और वो पूरी तरह से स्वस्थ्य लग रही हैं। उनको मदर मिल्क बैंक का दूध पिलाया जा रहा है।