
Chief Minister approves the Nagaur officials, public representative
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत भाजपा के प्रमुख नेताओं ने मंगलवार को दिनभर सत्ता-संगठन के फीडबैक के लिए मैराथन बैठकें कीं। इनमें सामने आया कि जिलों में सत्ता-संगठन में बिल्कुल समन्वय नहीं है। अफसर कार्यकर्ताओं की सुनते नहीं हैं। एेसे में नाराज हुए कार्यकर्ताओं ने भी सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी जनता तक नहीं पहुंचाई।
बैठकें मुख्यमंत्री निवास पर सुबह 11 बजे शुरू हुईं, जो देर रात तक जारी रहीं। इस दौरान 3-4 जिलों के प्रभारियों को एकसाथ बुलाकर मुख्यमंत्री ने फीडबैक लिया। प्रभारियों से पूछा गया कि जिलों में सत्ता-संगठन के समन्वय की क्या स्थिति है, कार्यकर्ता नाराज क्यों हैं? पुराने कार्यकर्ताओं को संगठन के लोग तवज्जो दे रहे हैं या नहीं। फ्लैगशिप योजनाओं की स्थिति क्या है। सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर जिले के प्रभारियों ने यही फीडबैक दिया कि सत्ता-संगठन में समन्वय की कमी है।
कार्यकर्ताओं व जन प्रतिनिधियों के साथ अफसरों का व्यवहार ठीक नहीं है। जन प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में भी अनबन की शिकायतें हैं। एेसे में सरकार के काम जनता तक पहुंच ही नहीं पा रहे। फ्लैगशिप योजनाए बनी तो हैं लेकिन उनका उचित प्रचार-प्रसार नहीं हो पा रहा। पार्टी के लिए ये संकेत ठीक नहीं हैं। दिनभर जिलों का फीडबैक लेने के बाद अब माना जा रहा है कि सुधार के लिए सरकार-संगठन में जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी , संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर भी मौजूद रहे।
मंत्रियों-सांसदों को भेजा था जिलों में
भाजपा ने मार्च में विशेष जिला प्रवास योजना बनाकर 20 से 30 मार्च के बीच नेताओं को जिलों में भेजा था। ये नेता 3-3 दिन जिलों में रुके थे और विधानसभा वार फीडबैक जुटाया था। भाजपा ने प्रदेश प्रभारी खन्ना, पूर्व प्रदेश अशाेक अध्यक्ष परनामी, 10 से ज्यादा मंत्रियों-सांसदों को इस दौरे पर भेजा था।
Published on:
09 May 2018 10:51 am
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