Weather Update : मौसम विभाग ने आज 12 जुलाई को राजस्थान के 3 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही सूबे के 25 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
Weather Update : मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने शनिवार को 3 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के कोटा, बारां, झालावाड़ के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, नागौर अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, पाली, उदयपुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
इसके साथ ही अभी अभी मौसम विभाग ने तीन घंटे का अलर्ट जारी किया है। जिसके तहत राजस्थान के जयपुर, टोंक, झुंझुनूं, चूरू, सीकर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के Prediction के अनुसार इन 5 जिलों और आस-पास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही आकाशीय बिजली चमकेगी। इस दौरान 20-30 KMPH की रफ्तार से तेज हवा की संभावना है। जयपुर मौसम केंद्र ने आगामी 2 सप्ताह में पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में औसत से अधिक बारिश और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में भी आगामी एक सप्ताह मानसून सक्रिय रहने तथा सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं।
श्रावण मास में प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय रहेगा। शुक्रवार को जयपुर में बादलों की आवाजाही रहने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी हुई। सीकर, कोटा, झुंझुनूं, अजमेर, उदयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, कोटपूतली, नागौर, जोधपुर समेत कई जिलों में शुक्रवार को मेघगर्जन के साथ बारिश हुई। बीते 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश चाकसू (जयपुर) में 97 एमएम दर्ज की गई।
अजमेर - 8.3
जयपुर - 25.2
पिलानी - 40.8
सीकर - 17
कोटा - 11
बीकानेर - 61
चूरू - 43.5
श्रीगंगानगर - 8.4
संगरिया - 13.5
करौली - 19.5
दौसा - 6.5
झुंझुनूं - 16.5
(बारिश एमएम में)
रावतभाटा शहर में दोपहर 12 से 2 बजे तक तेज बारिश से नदी-नालों में उफान आ गया और चंबल नदी पर बने बांधों में आवक बढ़ गई है। नियंत्रण कक्ष के अनुसार राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर 1157.50 फीट की पूर्ण भराव क्षमता के मुकाबले 1153.79 फीट पर है। इसमें 1,119 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और उतना ही पानी विद्युत उत्पादन के लिए डिस्चार्ज किया जा रहा है। जवाहर सागर बांध का जलस्तर 980 फीट की पूर्ण भराव क्षमता के मुकाबले 975.90 फीट है। यहां 1,552 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और विद्युत उत्पादन के माध्यम से उतना ही पानी छोड़ा जा रहा है।