
शैलेंद्र शर्मा
किसानों और गोशालाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और बैल-बछड़ों का जीवन बचाने के लिए जयपुर निवासी पिता-पुत्री की जोड़ी ने नवाचार किया है। गोबर से कागज बनाने के बाद स्टार्ट अप गौकृति के मुखिया भीमराज शर्मा और बेटी जागृति शर्मा ने इससे अलग-अलग डिजाइन में शादी कार्ड के साथ ही हनुमान चालीसा, फोटो फ्रेम व डेकोरेटिव आइटम्स सहित करीब 100 उत्पाद भी तैयार किए हैं।
ये है खासियत
भीमराज ने बताया कि गोमय पेपर की कीमत सामान्य कागज के बराबर है। एक टन कागज को बनाने में 30 पेड़ों को काटा जाता है। गोमय कागज बैल, बछड़ों व गाय के गोबर और अन्य सामग्री से तैयार होता है। इसके लिए बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर गोशालाओं और किसानों से गोबर खरीदा जाता है। जागृति ने बताया कि शादी कार्ड का कागज तैयार करते समय उसमें विभिन्न किस्मों के फूलों और वनस्पतियों के बीज डाले जाते हैं। शादी-विवाह के बाद इन कार्ड को घर पर गमलों या मिट्टी में पानी तथा खाद मिलाकर रखा जाता है। बाद में ये पौधे का रूप ले लेते हैं। राजस्थान से सांसद रामचरण बोहरा और आईएएस श्रेया गुहा सहित कई लोगों ने भी बधाई कार्ड भी गोमय पेपर पर तैयार कराए हैं।
केस 1 : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
जालोर भाजपा के जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह राव के बेटे विकास की शादी 25 फरवरी को है। उन्होंने गोबर से बने कागज से तैयार शादी के कार्ड रिश्तेदारी व परिचितों में बांटे। उन्होंने बताया कि इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
केस 2 : अतिथियों ने भी पहल को सराहा
हाल ही डॉ. फुहार और इला का विवाह हुआ। इनके विवाह के कार्ड भी गोमय कागज पर प्रिंट कराए गए। परिजनों के साथ ही विवाह में शामिल अतिथियों ने नवयुगल की इस पहल की सराहना की।
Updated on:
11 Feb 2024 12:23 pm
Published on:
11 Feb 2024 11:47 am
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